पासपोर्ट की इस बात से आज भी अनजान हैं कई लोग, विदेश मंत्रालय ने दूर की गलतफहमी
पासपोर्ट की इस बात से आज भी अनजान हैं कई लोग, विदेश मंत्रालय ने दूर की गलतफहमी
पासपोर्ट को लेकर अक्सर लोगों के मन में कई सवाल रहते हैं. यह सिर्फ विदेश यात्रा के लिए होता है या नागरिकता का भी प्रमाण है? इस पर विदेश मंत्रालय ने बयान दिया. MEA ने बताया कि भारतीय पासपोर्ट का मुख्य उद्देश्य केवल भारतीय नागरिकों को देश से बाहर जाने का मौका देता है. मंत्रालय ने कहा कि यह दस्तावेज पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत जारी किया जाता है और इसे पाने के लिए तय नियमों के अनुसार पूरी जांच और सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई जाती है.
पासपोर्ट और नागरिकता को लेकर क्यों शुरू हुई बहस?
न्यूज एजेंसी पीटीआई ने बताया कि यह मामला उस समय चर्चा में आया, जब कई राज्यों में SIR के दौरान यह सवाल उठा कि क्या पासपोर्ट भारतीय नागरिकता को दिखाता है. इससे पहले 24 जून को पासपोर्ट सेवा दिवस के मौके पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा था कि पासपोर्ट एक यात्रा दस्तावेज है, नागरिकता साबित करने वाला दस्तावेज नहीं.
विपक्ष ने उठाए सवाल, मंत्रालय ने साफ कर दी स्थिति
कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने विदेश मंत्रालय के बयान पर आपत्ति जताई. उनका कहना था कि अगर पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है, तो फिर इसे किस आधार पर जारी किया जाता है. हालांकि, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ कहा कि पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी किया जाता है, लेकिन इसका उद्देश्य मुख्य रूप से विदेश यात्रा को विनियमित (रेगुलेट) करना है.
भारत में केवल 8% लोगों के पास है पासपोर्ट
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस समय देश के करीब 8 प्रतिशत से भी कम भारतीय नागरिकों के पास पासपोर्ट है. यही वजह है कि पासपोर्ट से जुड़े नियमों और उसके उद्देश्य को लेकर कई लोगों में भ्रम देखने को मिलता है. मंत्रालय ने एक बार फिर साफ किया कि पासपोर्ट एक आधिकारिक यात्रा दस्तावेज है, जिसे विदेश यात्रा के लिए जारी किया जाता है.
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विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट के असली मतलब को लेकर स्थिति साफ की मंत्रालय ने कहा कि पासपोर्ट भारत से बाहर यात्रा को नियंत्रित करने वाला दस्तावेज है MEA के अनुसार, अभी 8% से भी कम भारतीयों के पास पासपोर्ट है पासपोर्ट जारी करने से पहले तय प्रक्रिया के तहत पूरी जांच की जाती है