महाराष्ट्र ATS ने पाकिस्तानी गैंगस्टरों से जुड़े स

पाकिस्तान से जुड़े संदिग्ध सोशल मीडिया नेटवर्क पर ATS का बड़ा एक्शन, महाराष्ट्र के 5 जिलों से 10 युवक हिरासत में

पाकिस्तान से जुड़े संदिग्ध सोशल मीडिया नेटवर्क पर ATS का बड़ा एक्शन, महाराष्ट्र के 5 जिलों से 10 युवक हिरासत में

महाराष्ट्र में पाकिस्तान से संचालित होने के संदेह वाले एक कथित सोशल मीडिया नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने शुक्रवार को व्यापक कार्रवाई की है। महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने नागपुर, गोंदिया, गड़चिरोली, चंद्रपुर और वर्धा जिलों में एक साथ छापेमारी कर 10 युवकों को हिरासत में लिया है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इन युवकों के संपर्क पाकिस्तान में बैठे कुछ कुख्यात गैंगस्टरों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से थे।

प्रतीकात्मक तस्वीर

सूत्रों के अनुसार, राज्यभर में अलग-अलग स्थानों से 160 से अधिक युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। फिलहाल सभी के डिजिटल रिकॉर्ड, ऑनलाइन गतिविधियों और संपर्कों की गहन जांच की जा रही है।

सोशल मीडिया के जरिए बनाए गए कथित संपर्क

प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि संदिग्ध नेटवर्क ने इंस्टाग्राम समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर युवाओं से संपर्क स्थापित किया। जांच एजेंसियों का कहना है कि शुरुआती स्तर पर ऑनलाइन दोस्ती के जरिए विश्वास कायम किया जाता था और फिर लगातार संवाद के माध्यम से उनकी व्यक्तिगत, सामाजिक और आर्थिक जानकारी जुटाई जाती थी।

अधिकारियों को संदेह है कि इस तरह के नेटवर्क आर्थिक रूप से कमजोर या आसानी से प्रभावित होने वाले युवाओं को निशाना बनाकर भविष्य में उनका इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों, धन उगाही या देशविरोधी गतिविधियों के लिए कर सकते हैं। हालांकि, इन आशंकाओं की पुष्टि के लिए जांच अभी जारी है।

महाराष्ट्र ATS

पाकिस्तान के गैंगस्टरों से कथित लिंक की पड़ताल

प्रारंभिक जांच में पाकिस्तान के कुख्यात गैंगस्टर शहजाद भट्टी, आबिद जाट और राणा हनेने के नाम सामने आने की बात कही जा रही है। जांच एजेंसियों को हिरासत में लिए गए युवकों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और चैट रिकॉर्ड में ऐसे संकेत मिले हैं, जिनके आधार पर इन संदिग्ध संपर्कों की जांच की जा रही है। फिलहाल एजेंसियों ने इन कथित संबंधों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

जब्त किए गए मोबाइल और डिजिटल डेटा की फोरेंसिक जांच

ATS ने कार्रवाई के दौरान युवकों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया प्रोफाइल, ऑनलाइन लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल उपकरण अपने कब्जे में ले लिए हैं। विशेषज्ञ टीमें अब डिजिटल डेटा का तकनीकी विश्लेषण कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि संपर्क कितने गहरे थे, नेटवर्क का दायरा कितना व्यापक था और इसके तार किन अन्य लोगों या स्थानों तक जुड़े हो सकते हैं।

जांच के बाद होगी आगे की कानूनी कार्रवाई

कार्यवाही का एक दृश्य

ATS फिलहाल मामले में सीमित जानकारी ही सार्वजनिक कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस कथित नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अन्य संपर्क भी मौजूद हैं।

सुरक्षा एजेंसियां मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही हैं और जांच पूरी होने के बाद ही विस्तृत जानकारी साझा किए जाने की संभावना है।