कोटा में ऑनलाइन नेटवर्क के जरिए महिलाओं की गोपनीयत

कोटा में कथित ऑनलाइन नेटवर्क का खुलासा, हिन्दू महिलाओं को निशाना बनाने के आरोप; पाकिस्तान लिंक की भी जांच

कोटा में कथित ऑनलाइन नेटवर्क का खुलासा, हिन्दू महिलाओं को निशाना बनाने के आरोप; पाकिस्तान लिंक की भी जांच

राजस्थान के कोटा शहर में एक कथित ऑनलाइन नेटवर्क के सामने आने के बाद विवाद गहरा गया है। पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के जरिए हिन्दू महिलाओं और युवतियों को निशाना बनाने तथा आपत्तिजनक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगे हैं। मामले की जांच के दौरान विदेशी संपर्कों, विशेषकर पाकिस्तान से संभावित जुड़ाव के आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है।

विजयनगर थाना क्षेत्र में दर्ज एफआईआर के आधार पर पुलिस ने मनीष शर्मा उर्फ मोइन खान नामक आरोपी को हिरासत में लिया है। अधिकारियों के अनुसार, मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों और ऑनलाइन गतिविधियों की विस्तृत जांच की जा रही है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

ग्रुप चैट में आपत्तिजनक चर्चाओं के आरोप

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि एक व्हाट्सएप ग्रुप में महिलाओं और युवतियों को प्रेम संबंधों के जरिए अपने प्रभाव में लेने, उनका मानसिक और धार्मिक शोषण करने तथा निजी सामग्री के माध्यम से दबाव बनाने जैसी बातें साझा की जा रही थीं। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि ग्रुप में नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाने और धार्मिक भावनाओं को प्रभावित करने संबंधी संदेश भी प्रसारित किए गए।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच एजेंसियों द्वारा की जानी बाकी है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

विदेशी संपर्कों की जांच में जुटी पुलिस

शिकायतकर्ता योगेश रेनवाल ने आरोप लगाया है कि आरोपी कई वर्षों से टेलीग्राम, स्नैपचैट और डिस्कॉर्ड जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से विदेश में मौजूद कुछ व्यक्तियों या समूहों के संपर्क में था। शिकायत में पाकिस्तान से संभावित संबंधों का भी उल्लेख किया गया है।

पुलिस फिलहाल आरोपी के डिजिटल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और ऑनलाइन संपर्कों की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या वास्तव में किसी विदेशी नेटवर्क या संगठन की इसमें भूमिका रही है।

ऑडियो क्लिप और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य खंगाले जा रहे

मामले में कुछ कथित ऑडियो क्लिप भी सामने आई हैं, जिनकी सत्यता की जांच की जा रही है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इन रिकॉर्डिंग्स में महिलाओं के शोषण और आपत्तिजनक वीडियो बनाने जैसी चर्चाएं सुनाई देती हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से प्राप्त सामग्री को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। डिजिटल डेटा की पड़ताल के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।

कई धाराओं में मामला दर्ज

विजयनगर पुलिस ने 15 जून, 2026 को आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की संबंधित धाराएं भी शामिल की गई हैं।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और यदि जांच के दौरान अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच एजेंसियां कथित नेटवर्क के दायरे, डिजिटल गतिविधियों और संभावित संपर्कों की गहन पड़ताल कर रही हैं।