100 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक, CM सोरेन से मिलने की रखी शर्त; 7 घंटे के रेस्क्यू के बाद उतारा गया
झारखंड की राजधानी रांची में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया, जहां 25 वर्षीय युवक ने 100 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़कर प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी। घटना जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम की है, जहां आधी रात को युवक के टावर पर चढ़ने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
टावर पर चढ़े युवक ने नीचे उतरने से पहले एक शर्त रख दी। उसने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद मौके पर आकर उसकी बात नहीं सुनेंगे, वह टावर से नीचे नहीं उतरेगा। इसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीम ने कई घंटों तक युवक को समझाने का प्रयास किया।
आधी रात शुरू हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा
जानकारी के मुताबिक, यह घटना रात करीब 12:30 बजे शुरू हुई, जब लातेहार जिले का रहने वाला हीरालाल नामक युवक चुपके से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम परिसर में पहुंचा और मोबाइल टावर के शीर्ष हिस्से तक चढ़ गया।
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी सानोज चौधरी के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभालते हुए युवक से बातचीत शुरू की। करीब सात घंटे तक चले काउंसलिंग अभियान के दौरान पुलिसकर्मी लाउडस्पीकर के जरिए युवक से नीचे आने की अपील करते रहे।
वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी युवक से कहते नजर आए, "हीरालाल नीचे आ जाओ। मीडिया यहां मौजूद है और तुम्हारी हर मांग सुनी जाएगी।" पुलिस अधिकारियों ने लगातार बातचीत के जरिए युवक को शांत करने का प्रयास किया।
सुबह 7:30 बजे सुरक्षित नीचे उतरा युवक
लंबी बातचीत और पुलिस की सूझबूझ के बाद आखिरकार सुबह करीब 7:30 बजे हीरालाल को सुरक्षित टावर से नीचे उतार लिया गया। युवक के नीचे आने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और युवक के इस कदम के पीछे की वास्तविक वजह जानने का प्रयास किया जा रहा है।
पत्नी के मायके जाने से तनाव या भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी का विरोध?
हीरालाल के टावर पर चढ़ने के कारण को लेकर फिलहाल स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। मामले में दो अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं।
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, युवक अपनी पत्नी के मायके चले जाने से परेशान था और पारिवारिक विवाद के कारण मानसिक तनाव में था। इसी वजह से उसने यह कदम उठाया।
वहीं, मौके पर मौजूद कुछ लोगों का दावा है कि हीरालाल सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहा था। उनका कहना है कि युवक का आरोप था कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के कारण उसकी पत्नी को काफी मेहनत के बावजूद सरकारी नौकरी नहीं मिल सकी, जिसके बाद वह मायके चली गई।
JPSC-JSSC विवाद के बीच गरमाई झारखंड की राजनीति
यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहले से ही छात्रों के आंदोलन का केंद्र बना हुआ है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार और पेपर लीक के आरोपों को लेकर बड़ी संख्या में छात्र यहां प्रदर्शन कर रहे हैं।
इस मुद्दे को लेकर राज्य की राजनीति भी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) ने कथित भर्ती घोटाले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर कई जिलों में आक्रोश रैली निकाली है। वहीं, विपक्षी दलों ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग की है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और युवक के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।