दिल्ली पुलिस ने गुरमन सिंह को गिरफ्तार किया, जो मह

'सॉरी दीदी' बोलकर करता था शिकार, लड़कियों को बाइक से टक्कर मार वीडियो बनाता था यूट्यूबर; दिल्ली पुलिस ने दबोचा

'सॉरी दीदी' बोलकर करता था शिकार, लड़कियों को बाइक से टक्कर मार वीडियो बनाता था यूट्यूबर; दिल्ली पुलिस ने दबोचा

दिल्ली पुलिस ने एक 32 वर्षीय यूट्यूबर को हाल ही में गिरफ्तार किया है, जिस पर महिला राइडर्स और नाबालिग लड़कियों को जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक आरोपी सड़क पर उनकी दोपहिया गाड़ियों को जानबूझकर टक्कर मारता था, फिर उनके रिएक्शन को चोरी-छिपे रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड कर फॉलोअर्स बढ़ाने और मॉनेटाइजेशन के जरिए कमाई करता था। 

आरोपी की पहचान गुरमन सिंह के रूप में हुई है, जो "रोड सेफ्टी वाला" नाम से सोशल मीडिया अकाउंट संचालित करता था। उसे शुक्रवार को पश्चिमी दिल्ली के सुभाष नगर इलाके से गिरफ्तार किया गया।

शिकायत के बाद खुला पूरा मामला

इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब राजा गार्डन निवासी सनी अरोड़ा ने 2 जून को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि बाइक सवार दो युवकों ने उनकी नाबालिग बेटियों की स्कूटी को पीछे से जानबूझकर टक्कर मारी, उनका पीछा किया और अभद्र टिप्पणियां भी कीं।

बाद में उन्हें पता चला कि उनकी बेटियों के वीडियो बिना अनुमति के आरोपी के YouTube और Facebook अकाउंट पर अपलोड कर दिए गए थे। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।

'सॉरी दीदी' कहकर बचता था शक से

पुलिस के अनुसार, गुरमन सिंह सार्वजनिक सड़कों पर महिला राइडर्स और पीछे बैठी युवतियों, यहां तक कि नाबालिग लड़कियों को भी निशाना बनाता था। वह जानबूझकर उनकी गाड़ियों से अपनी बाइक टकरा देता और तुरंत "सॉरी दीदी" कहकर माफी मांग लेता, ताकि किसी को उस पर शक न हो।

इसके बाद वह पीड़ितों की प्रतिक्रिया अपने कैमरे में रिकॉर्ड करता और बिना उनकी अनुमति के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड कर देता था।

प्रतीकात्मक तस्वीर

दो लाख से अधिक फॉलोअर्स, वायरल कंटेंट से कमाई

पुलिस ने बताया कि गुरमन सिंह @bikeronroad33 नाम से YouTube चैनल चलाता था, जिसके करीब 21 हजार सब्सक्राइबर थे। इसके अलावा वह "Road Safety Wala" नाम से Facebook पेज भी संचालित करता था, जिस पर 2.1 लाख से अधिक फॉलोअर्स थे।

जांच में सामने आया कि उसके अधिकांश वीडियो महिला राइडर्स और नाबालिग लड़कियों पर आधारित थे। पुलिस का कहना है कि आरोपी वायरल कंटेंट तैयार कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से मॉनेटाइजेशन के जरिए आर्थिक लाभ कमाना चाहता था।

पूछताछ में कबूला आरोप

पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने, फॉलोअर्स बढ़ाने और YouTube व Facebook से कमाई करने के उद्देश्य से ऐसे वीडियो बनाए। उसने यह भी माना कि अधिक ऑनलाइन एंगेजमेंट और निजी संतुष्टि के लिए वह विशेष रूप से महिला राइडर्स को निशाना बनाता था।

BNS और POCSO के तहत FIR दर्ज

पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है, जिसमें उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहुंच के साथ-साथ वीडियो, स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल सबूत मिले हैं। डिजिटल फोरेंसिक जांच और तकनीकी विश्लेषण के बाद पश्चिमी दिल्ली के साइबर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और POCSO Act की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

इसके साथ ही पुलिस ने आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट्स को हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। मामले में अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान के लिए जांच जारी है।