दिल्ली में 9 जुलाई को AQI 48 दर्ज किया गया, जो 'अच

नीतियां फेल, लेकिन बादलों ने धो दिया प्रदूषण पहली बार दिल्ली में सांस लेने लायक हवा!

दिल्ली में 9 जुलाई को इस साल का सबसे अच्छा एयर क्वालिटी इंडेक्स दर्ज किया गया. दोपहर के समय AQI 48 पर पहुंच गया, जो 'अच्छी' श्रेणी में आता है इससे पहले ऐसा दिन सितंबर 2023 में आया था. यह सुधार भारी बारिश की वजह से हुआ, न कि किसी सरकारी नीति से. बता दे बारिश की बूंदें प्रदूषक कणों को जमीन पर खींच लाती हैं, धूल दबाती हैं और हवाएं बचा हुआ प्रदूषण बिखेर देती हैं

हवा की सफाई शायद ही कभी होती है दिल्ली में 

साल 2026 में अब तक एक भी दिन ऐसा नहीं रहा जब पीएम 2.5 कणों का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन की तय सुरक्षित सीमा के भीतर रहा हो. शोध बताते हैं कि नमी भरे मौसम में बारीक कण फैलने लगते हैं, इसलिए सिर्फ भारी और लगातार बारिश ही असरदार सफाई करती है.

यह राहत ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं 

बता दे मानसून के जाते ही सर्दियों की शांत हवाएं और तापमान का उलटफेर वापस भी लौटेंगे, जिससे प्रदूषण फिर पहले की तरह जमीन के पास फंसने लगेगा. और ट्रैफिक, उद्योग और कचरा जलाने से होने वाला प्रदूषण अभी भी वैसा ही बना हुआ है. 

तेज मानसूनी हवाएं बचे हुए प्रदूषण को बिखेर देती हैं.

वैज्ञानिक बताते हैं कि बारिश की बूंदें हवा में मौजूद बारीक प्रदूषक कणों से टकराकर उन्हें अपने साथ जमीन पर ले आती हैं. इस प्रक्रिया को गीला निक्षेपण कहा जाता है. साथ ही बारिश सड़कों और निर्माण स्थलों की धूल को भी दबा देती है, और तेज मानसूनी हवाएं बचे हुए प्रदूषण को बिखेर देती हैं.