ब्रिटेन में गर्मी के कारण घर की उमस से बचने के लिए

ब्रिटेन में AC वाले ऑफिसों में 75 फीसदी तक बढ़ी मौजूदगी, भीषण गर्मी के कारण दफ्तर लौटे कर्मचारी

ब्रिटेन में AC वाले ऑफिसों में 75 फीसदी तक बढ़ी मौजूदगी, भीषण गर्मी के कारण दफ्तर लौटे कर्मचारी

ब्रिटेन में साल की तीसरी भीषण गर्मी के बीच कर्मचारी घर की उमस में काम करने के बजाय एयर-कंडीशन्ड दफ्तरों का रुख कर रहे हैं। ब्रिटेन के कई हिस्सों में तापमान 40° डिग्री के पार चला गया है।पारंपरिक ब्रिटिश घर गर्मी को रोकने के लिए डिजाइन नहीं किए गए हैं, जिसके कारण लोग ‘वर्क फ्रॉम होम’ के बजाय एसी लगे दफ्तरों में जाकर काम करना पसंद कर रहे हैं। दफ्तरों में उपस्थिति कोविड के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।

लंदन में कंपनियों को ऑफिस स्पेस दिलाने वाली ‘एडॉप्ट वर्कस्पेस’ ने भी कहा कि गर्म मौसम में उनके साथ जुड़े कई सर्विस प्रोवाइडर्स के यहां एसी ऑफिस की डिमांड दोहरे अंकों में बढ़ी है।गौरतलब है कि लंदन में प्रदूषण रोकने के लिए स्थानीय काउंसिलों ने घरों में एसी न लगाने और लगे हुए एसी हटाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि एसी के बजाय पंखे चलाएं और खिड़की-दरवाजे खोलकर रखें।

 

तीन साल में एसी वाले घरों की संख्या दोगुनी

ब्रिटेन में एयर कंडीशनिंग (एसी) वाले घरों की संख्या तीन वर्षों में दोगुनी होकर 40 लाख तक पहुंच गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि घर से काम करने के चलन और बढ़ती भीषण गर्मी के कारण पोर्टेबल पंखों और एसी की मांग में सालाना 79% का उछाल आया है। इन 40 लाख घरों में से 19 लाख में स्थायी एसी इकाइयां लगी हैं।लंदन की फ्लेक्सिबल ऑफिस कंपनी ‘ऑफिस स्पेस इन टाउन’ के मुताबिक ‘रेड अलर्ट’ वाले गर्म दिनों में उनके दफ्तरों में मौजूदगी 75% बढ़ गई। कंपनी के अनुसार लोग घरों में गर्मी से परेशान हैं इसलिए ठंडी जगह चुन रहे हैं, ताकि आराम से काम कर सकें और उनकी कार्यक्षमता बनी रहे।

एसी वाले ऑफिस स्पेस की मांग में भारी उछाल

लंदन में कंपनियों को ऑफिस स्पेस दिलाने वाली संस्था एडाप्ट वर्कस्पेस ने बताया है कि गर्म मौसम के कारण उनके साथ जुड़े कई सर्विस प्रोवाइडर्स के यहां एसी ऑफिस की डिमांड दोहरे अंकों में बढ़ गई है। भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए कॉर्पोरेट जगत में वातानुकूलित कार्यस्थलों की मांग तेजी से बढ़ी है।

एक तरफ जहां गर्मी का प्रकोप जारी है, वहीं लंदन में प्रदूषण को रोकने के लिए स्थानीय काउंसिलों ने कड़े कदम उठाए हैं। काउंसिलों ने लोगों को घरों में नए एसी न लगाने और पहले से लगे हुए एसी हटाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का सुझाव है कि पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए लोग एसी के बजाय पंखे चलाएं और अपने घरों के खिड़की-दरवाजे खोलकर रखें।

कार्यक्षमता बनाए रखने के लिए ठंडी जगह चुन रहे लोग

लंदन की फ्लेक्सिबल ऑफिस कंपनी ऑफिस स्पेस इन टाउन के आंकड़ों के मुताबिक, रेड अलर्ट वाले अत्यधिक गर्म दिनों में उनके दफ्तरों में कर्मचारियों की मौजूदगी 75 प्रतिशत तक बढ़ गई है।

कंपनी का कहना है कि 

लोग घरों में उमस और गर्मी से बेहद परेशान हैं। आराम से काम करने और अपनी कार्यक्षमता को बनाए रखने के लिए वे घरों की बजाय ठंडे दफ्तरों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

तीन साल में दोगुने हुए एसी वाले घर

दफ्तरों के अलावा घरों में भी कूलिंग उपकरणों की मांग बढ़ी है। ब्रिटेन में एयर कंडीशनिंग (एसी) वाले घरों की संख्या पिछले तीन वर्षों में दोगुनी होकर 40 लाख तक पहुंच गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि घर से काम करने के बढ़ते चलन और लगातार पड़ रही भीषण गर्मी के कारण पोर्टेबल पंखों और एसी की मांग में सालाना 79 प्रतिशत का भारी उछाल आया है। वर्तमान में इन 40 लाख एसी वाले घरों में से करीब 19 लाख घरों में स्थायी एसी इकाइयां लगी हुई हैं।