पाकिस्तान पर भारत का तीखा हमला, महिलाओं-बच्चों के साथ मारपीट, भारतीय नाविक की मौत पर ईरानी राजदूत तलब
पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में जारी विरोध प्रदर्शनों को लेकर भारत ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला। विदेश मंत्रालय ने कहा कि वहां हो रहे प्रदर्शन पाकिस्तान की ओर से दशकों से किए जा रहे शोषण, लोगों के मौलिक अधिकारों से वंचित रखने और अवैध कब्जे का सीधा नतीजा हैं। भारत ने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों की मांगें सुनने के बजाय पाकिस्तान ने उनके साथ गलत बर्ताव किया।
POJK में जारी विरोध प्रदर्शन
नई दिल्ली में साप्ताहिक प्रेस वार्ता के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि POJK में जारी विरोध प्रदर्शन पाकिस्तान की ओर से दशकों से किए गए व्यवस्थित शोषण, मौलिक अधिकारों से वंचित रखने और अवैध कब्जे का सीधा परिणाम हैं। जायसवाल ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान सरकार स्थानीय लोगों की शिकायतों का समाधान करने के बजाय अत्यधिक पुलिस बल का यूज कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्हें मारा-पीटा जाता है।
जहाजों पर हुए हमलों पर कड़ी प्रतिक्रिया
इसके अलावा भारत ने होर्मुज स्ट्रेट में मंगलवार सुबह 2 व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन को तलब कर भारत का कड़ा विरोध दर्ज कराया। मंत्रालय ने इन हमलों की निंदा करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर इस तरह के हमले तुरंत बंद होने चाहिए। विदेश मंत्रालय के अनुसार, हमले का शिकार बने दोनों जहाजों पर कुल 30 भारतीय नाविक सवार थे। इनमें 1 भारतीय की मौत हो गई, जबकि 10 घायल हुए हैं। भारत ने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।
बढ़ता तनाव चिंता की बात
भारत ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव चिंता की बात है। उसने सभी पक्षों से हिंसा रोकने, बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपील की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट जैसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर जहाजों की सुरक्षित आवाजाही और व्यापार हर हाल में सुनिश्चित किया जाना चाहिए।