भारतीय, एशियाई और अमेरिकी बाज़ारों में इस सप्ताह म

भारतीय, एशियाई और अमेरिकी बाज़ारों में इस सप्ताह उतार-चढ़ाव

 

मार्केट रिपोर्ट : भारतीय, एशियाई और अमेरिकी बाज़ार अस्थिर सप्ताह के साथ बंद; सोना-चांदी मज़बूत, रुपया 96 के पार फिसला

घरेलू शेयर बाज़ारों ने इस सप्ताह मज़बूती के साथ कारोबार समाप्त किया, हालांकि शुक्रवार को सेमीकंडक्टर और एआई-संबंधित शेयरों में आई वैश्विक गिरावट ने एशियाई और अमेरिकी बाज़ारों को हिला दिया, जिससे सप्ताहांत की ओर बढ़ते निवेशकों के लिए मिश्रित माहौल बना।

भारतीय बाज़ार : उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बावजूद सेंसेक्स, निफ्टी साप्ताहिक बढ़त के साथ बंद

बीएसई सेंसेक्स शुक्रवार के सत्र में 964.58 अंक या 1.25% की तेज़ी के साथ 78,151.45 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50, 261.55 अंक (1.09%) चढ़कर 24,334.30 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी ने व्यापक सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन करते हुए वित्तीय शेयरों में व्यापक खरीदारी के दम पर 1.63% की बढ़त के साथ 58,521.40 पर कारोबार समाप्त किया।

साप्ताहिक आधार पर, सेंसेक्स लगभग 582 अंक (करीब 0.75%) और निफ्टी करीब 127 अंक (लगभग 0.53%) की बढ़त दर्ज करते हुए लगातार दूसरे सप्ताह हरे निशान में बंद हुआ। शुक्रवार की तेज़ी में आईटी, रियल्टी, वित्तीय सेवाएं और ऑटो शेयरों की अग्रणी भूमिका रही, जिसमें एचसीएल टेक, टीसीएस, मारुति और जियो फाइनेंशियल शीर्ष लाभार्थियों में शामिल रहे। फार्मा, मेटल और चुनिंदा एनर्जी शेयरों में दबाव देखा गया, जिसमें हिंडाल्को, डॉ. रेड्डीज़ और विप्रो लाल निशान में बंद हुए।

सप्ताह के शुरुआती सत्र अपेक्षाकृत सुस्त रहे, जहां चालू तिमाही नतीजों के सीजन, एफआईआई की लगातार बिकवाली और मध्य-पूर्व में तनाव तथा कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के चलते सतर्कता के बीच बाज़ार सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। मज़बूत डीआईआई प्रवाह ने सप्ताह भर गिरावट को थामने में मदद की। व्यापक बाज़ार की चौड़ाई स्वस्थ बनी रही, अधिकांश सत्रों में मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों ने बेंचमार्क सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया।

एशियाई बाज़ार : टेक शेयरों में गिरावट से सप्ताह के अंत में क्षेत्रीय बाज़ार दबाव में

वैश्विक एआई और सेमीकंडक्टर शेयरों में आई भारी बिकवाली वॉल स्ट्रीट से होते हुए पूरे एशियाई क्षेत्र में फैल गई, जिससे सप्ताह के अंत में एशियाई बाज़ार भारी दबाव में बंद हुए। जापान का निक्केई 225 शुक्रवार को करीब 4% लुढ़ककर 64,100 के स्तर के करीब आ गया, जिसमें सॉफ्टबैंक, टोक्यो इलेक्ट्रॉन, एडवांटेस्ट और किओक्सिया जैसे चिप और टेक-संबंधित शेयरों में तीव्र गिरावट देखी गई — कुछ शेयर एक ही सत्र में 7-16% तक टूट गए। चीन का शंघाई कंपोज़िट लगभग 1.5-1.6% गिरा, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग करीब 1.6-2% फिसला।

दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जिसने पहले ही सप्ताह के दौरान वर्ष की सबसे तीव्र साप्ताहिक गिरावट झेली थी — जहां चिप दिग्गज एसके हाइनिक्स और सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स में 8-11% की गिरावट के चलते संक्षिप्त रूप से ट्रेडिंग रोकनी पड़ी थी — शुक्रवार को सार्वजनिक अवकाश के कारण बंद रहा। यह व्यापक बिकवाली इस बात को दर्शाती है कि निवेशकों में इस बात को लेकर बढ़ता संदेह है कि क्या भारी एआई-संबंधित पूंजीगत व्यय मौजूदा मूल्यांकन को उचित ठहरा सकता है, भले ही टीएसएमसी ने मज़बूत नतीजे और सकारात्मक मार्गदर्शन दिया हो।

अमेरिकी बाज़ार : सेमीकंडक्टर शेयरों में गिरावट से वॉल स्ट्रीट साप्ताहिक नुकसान की ओर

सप्ताह भर चिप शेयरों में बिकवाली तेज़ होने के चलते अमेरिकी शेयर बाज़ार साप्ताहिक गिरावट की राह पर रहा। गुरुवार को डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.2% गिरकर 52,553.32 पर, एसएंडपी 500, 0.5% फिसलकर 7,533.77 पर, और टेक-प्रधान नैस्डैक कंपोज़िट 1.5% टूटकर 25,881.95 पर बंद हुआ। शुक्रवार के सत्र में भी गिरावट जारी रही, जहां नैस्डैक 1.6% से अधिक, एसएंडपी 500 करीब 0.8% और डाओ लगभग 1% नीचे रहा।

फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स जून के शिखर से करीब 19-20% टूट चुका है, जो अप्रैल 2025 के टैरिफ-प्रेरित संकट के बाद की सबसे बुरी गिरावट है, क्योंकि निवेशक महंगे मूल्यांकन वाले एआई शेयरों से पैसा निकालकर रक्षात्मक क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं। यूनाइटेडहेल्थ और एबॉट लेबोरेटरीज़ के नतीजों ने कुछ राहत ज़रूर दी, लेकिन यह सप्ताह के अंत तक व्यापक टेक-नेतृत्व वाली कमज़ोरी की भरपाई के लिए पर्याप्त नहीं रहा।

आज भारत में सोने और चांदी के भाव

शेयर बाज़ारों में उतार-चढ़ाव के बावजूद सप्ताह भर सोने में मज़बूती बनी रही, क्योंकि सुरक्षित निवेश के रूप में इसकी मांग जारी रही। आज की स्थिति के अनुसार:

- 24 कैरेट सोना: लगभग ₹14,250-14,270 प्रति ग्राम (करीब ₹1,42,500-1,42,700 प्रति 10 ग्राम) - 22 कैरेट सोना: लगभग ₹13,065-13,135 प्रति ग्राम - 18 कैरेट सोना: लगभग ₹10,690-10,747 प्रति ग्राम - चांदी: लगभग ₹230 प्रति ग्राम, या लगभग ₹2,30,000 प्रति किलोग्राम

स्थानीय करों और मेकिंग चार्ज के कारण कीमतों में शहर-दर-शहर मामूली अंतर हो सकता है; चेन्नई में देशभर में सबसे ऊंची दरें दर्ज होती रही हैं। इन आंकड़ों में जीएसटी और अन्य लागू शुल्क शामिल नहीं हैं।

रुपया और मुद्रा बाज़ार

एफआईआई की निकासी और कच्चे तेल की मज़बूत कीमतों के बीच रुपया इस सप्ताह कमज़ोर होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96 के स्तर को पार कर गया। USD/INR आज लगभग ₹96.30-96.40 पर कारोबार कर रहा था, जबकि सप्ताह की शुरुआत में यह लगभग ₹95.20-95.30 पर था — यानी साप्ताहिक आधार पर लगभग 1% की गिरावट।

अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले रुपया लगभग निम्नलिखित स्तरों पर रहा :

- 1 अमेरिकी डॉलर (USD) ≈ ₹96.35 - 1 यूरो (EUR) ≈ ₹110.3 - 1 ब्रिटिश पाउंड (GBP) ≈ ₹130.1 - 100 जापानी येन (JPY) ≈ ₹59.3

कच्चे तेल की कीमतें

मध्य-पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते सप्ताह भर कच्चे तेल की कीमतों में मज़बूती रही, हालांकि मांग को लेकर चिंताओं ने बढ़त को सीमित रखा। ब्रेंट क्रूड आज लगभग $85.06-85.58 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड लगभग $80.05-80.40 प्रति बैरल के आसपास रहा।

आगे की दिशा

वैश्विक बाज़ार जहां एआई-मूल्यांकन को लेकर नए सिरे से आकलन और सेमीकंडक्टर शेयरों में गिरावट की चपेट में हैं, वहीं निवेशकों की नज़र आने वाले अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, भारत में जारी पहली तिमाही के नतीजों, और मध्य-पूर्व में किसी भी नए तनाव पर रहेगी, जो अगले सप्ताह कच्चे तेल और सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों को प्रभावित कर सकता है।

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*नोट: सोना, चांदी, मुद्रा और कच्चे तेल के इंट्राडे भाव कारोबारी सत्र के दौरान बदलते रहते हैं — उपरोक्त आंकड़े शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 तक रिपोर्ट किए गए भावों को दर्शाते हैं और प्रकाशन से पहले किसी लाइव स्रोत से सत्यापित कर लिए जाएं, विशेष रूप से समय-संवेदनशील आंकड़ों के लिए।*