2029 तक अमरनाथ के लिए नई केबल कार सेवा शुरू होगी, यात्रा समय होगा कम
अमरनाथ यात्रा पर श्रद्धालु 2029 से बालटाल रूट पर केबल कार से सफर कर सकेंगे। केंद्र सरकार अगले साल अप्रैल से 11.6 किमी लंबे रोपवे प्रोजेक्ट का निर्माण शुरू करने की तैयारी कर रहे है। परियोजना पूरी होने के बाद बालटाल से संगम टॉप तक पहुंचने में 5 से 8 घंटे की जगह 25 से 30 मिनट ही लगेंगे।
2029 तक चालू कराने का लक्ष्य
नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) ने प्रोजेक्ट की DPR तैयार कर ली है। इसे सरकार की मंजूरी मिल चुकी है। सूत्रों के मुताबिक नवंबर-दिसंबर में टेंडर जारी किए जाएंगे। अप्रैल 2027 से निर्माण शुरू होगा। 2029 तक इसे चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। केबल कार बालटाल के डोमेल गेट से चलकर संगम टॉप तक पहुंचाई जाएगी। मुख्य गुफा और प्राकृतिक बर्फ के शिवलिंग की संवेदनशीलता को देखते हुए इसका आखिरी स्टेशन गुफा से करीब 2 किलोमीटर पहले बनाया जाएगा।
सीधी हवाई लाइन
अभी बालटाल से अमरनाथ तक 14km पैदल चढ़ाई करनी पड़ती है। केबल कार शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं को सिर्फ 2-3km पैदल या फिर पालकी से जाना होगा। सूत्रों के अनुसार रोपवे मौजूदा पैदल मार्ग के बिल्कुल समानांतर नहीं बनेगा। इसे पहाड़ियों और खाइयों के ऊपर से सीधी हवाई लाइन में बनाया जाएगा। हालांकि, इसके टर्मिनल पैदल मार्ग से जुड़े रहेंगे, ताकि किसी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को निकाला जा सके।
कितना है अनुमानित बजट
यह प्रोजेक्ट केंद्र सरकार की 'पर्वतमाला' योजना के तहत बनाया जा रहा है। निर्माण की जिम्मेदारी सड़क परिवहन मंत्रालय की नोडल एजेंसी नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड के पास है। DPR के मुताबिक इस परियोजना पर करीब ₹1,200 करोड़ खर्च होंगे। यह जम्मू-कश्मीर में पहले चरण में बनने वाले ₹16 हजार करोड़ के 8 बड़े रोपवे प्रोजेक्ट का हिस्सा है।