मध्य प्रदेश
YASIN MACHLI: यासीन मछली केस: BJP विधायक ने PM मोदी-सीएम से कहा, ‘हाथ-पैर और प्राइवेट पार्ट काटो,
YASIN MACHLI: भोपाल ड्रग्स केस: यासीन मछली पर लगातार शिकंजा, BJP विधायक ने की सख्त सज़ा की मांग
[caption id="attachment_97618" align="alignnone" width="300"] YASIN MACHLI[/caption]
भोपाल में बीते कुछ हफ्तों से एक के बाद एक सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। राजधानी के चर्चित ड्रग्स तस्कर यासीन मछली और उसके नेटवर्क पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की, जिसमें न सिर्फ ड्रग्स तस्करी बल्कि महिलाओं के शोषण और ब्लैकमेलिंग का जाल भी सामने आया। जांच के दौरान यासीन के मोबाइल-लैपटॉप से आपत्तिजनक वीडियो और चैट्स मिले, जिससे बड़े पैमाने पर कई खुलासे हुए हैं। अब तक इस नेटवर्क से जुड़े सात लोग गिरफ्तार हो चुके हैं और मामला पंजाब, मुंबई से होते हुए राजस्थान तक जुड़ता नजर आ रहा है।
YASIN MACHLI: यासीन मछली के खिलाफ सख्ती, उषा ठाकुर ने PM मोदी-सीएम डॉ. मोहन यादव से की 'शरिया जैसी' कार्रवाई की मांग
इस बीच महू से बीजेपी विधायक उषा ठाकुर ने एक बार फिर जोरदार बयान दिया है। उन्होंने मांग की है कि ऐसे आरोपी, जो लड़कियों को बहला-फुसलाकर और ड्रग्स की आड़ में उनका शोषण करते हैं, उनके हाथ-पैर और प्राइवेट पार्ट्स काट देने चाहिए—यह मांग उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम डॉ. मोहन यादव से सीधे तौर पर की है। उषा ठाकुर पहले भी 'लव जिहादियों के प्रजनन अंग काटने' जैसे बयान सार्वजनिक तौर पर दे चुकी हैं। वह कहती हैं कि जब तक दोषियों के खिलाफ सख्त और उदाहरण पेश करने वाली कार्रवाही नहीं होती, अपराधी बेखौफ रहेंगे।
YASIN MACHLI: कौन है यासीन मछली और कैसे खुला उसके गैंग का राज?
यासीन मछली बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के सदस्य शफीक मछली का बेटा है, जिससे इस केस को और भी ज्यादा राजनीतिक रंग मिलता दिख रहा है। पुलिस ने उसके परिवार की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया, शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और अन्य सहयोगियों पर भी सतर्कता बढ़ा दी है।
YASIN MACHLI: फिलहाल यासीन को 1 अगस्त तक जेल भेज दिया गया है। पुलिस की पड़ताल जारी है और आने वाले दिनों में इस पूरे सिंडिकेट से जुड़ी 'बड़ी मछलियाँ' भी जांच के घेरे में आ सकती हैं। इस केस ने एक ओर जहां भोपाल की ग्लैमरस लाइफ का काला सच सामने ला दिया है, वहीं कड़ी सजा की लगातार मांग से समाज में बहस छिड़ गई है—क्या कानून और व्यवस्था में ऐसे सख्त कदम उचित हैं?