मध्य प्रदेश

हम संतोष वर्मा के बयान का सम्मान करते है- पिछड़ा वर्ग संयुक्त मोर्चा

We respect the statement of Santosh Verma:  भोपाल में अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग संयुक्त मोर्चा का महासम्मेलन आयोजित किया जा रहा.. इसका आयोजन भेल दशहरा मैदान में हो रहा है.. इस कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे है. मंच से नेताओं ने सामाजिक न्याय, आरक्षण और संवैधानिक अधिकारों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया है. [caption id="attachment_128815" align="alignnone" width="223"] महिला सपोर्टर[/caption]

सरकार के खिलाफ विरोध जताया

इस दौरान नेताओं ने कहा कि ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग को आज भी शिक्षा, नौकरी, प्रशासन और न्याय व्यवस्था में बराबरी का हक नहीं मिल रहा है.. और इसी का विरोध करने के लिए आज बड़ी संख्या में हम पहुंचे हुए. और सरकार को जगाने का काम कर रहे है.

We respect the statement of Santosh Verma: 20 मांगों का ज्ञापन देने की बात कही गई

नेताओं ने कहा की संविधान में दिए गए अधिकारों का पूरा लाभ इन वर्गों तक नहीं पहुंच पा रहा है. इसी को लेकर मुख्यमंत्री के नाम 20 मांगों का ज्ञापन देने की बात कही गई. संयुक्त मोर्चा ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य समानता, सामाजिक न्याय, सम्मान और सही प्रतिनिधित्व की मांग करना है. साथ ही लंबे समय से लंबित सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर सरकार का ध्यान खींचना भी इस सम्मेलन का उद्देश्य है. आईए जानते है क्या मांग है [caption id="attachment_128816" align="alignnone" width="300"] जनता[/caption]

We respect the statement of Santosh Verma: प्रशासन और आरक्षण से जुड़ी मांगें

आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ जारी नोटिस और डोप्ट को भेजा गया प्रस्ताव वापस लिया जाए. ओबीसी को उनकी जनसंख्या के अनुसार 52% आरक्षण दिया जाए. ओबीसी के 13% रोके गए पद तुरंत खोले जाएं और नियुक्ति पत्र दिए जाएं. ओबीसी, एससी और एसटी के खाली और बैकलॉग पद विशेष भर्ती अभियान चलाकर भरे जाएं.

नौकरी और पदोन्नति से जुड़ी मांगें

[caption id="attachment_128814" align="alignnone" width="300"] We respect the statement of Santosh Verma[/caption] निजी और आउटसोर्स कामों में ओबीसी, एससी और एसटी को जनसंख्या के अनुसार आरक्षण मिले। सरकारी सेवाओं में ओबीसी को भी एससी-एसटी की तरह पदोन्नति में आरक्षण दिया जाए। पुरानी पेंशन योजना दोबारा लागू की जाए। सिविल जज भर्ती परीक्षा 2022 पर फिर से विचार किया जाए। ओबीसी, एससी और एसटी छात्रों की लंबित छात्रवृत्ति जल्द दी जाए। छात्रावासों की संख्या बढ़ाई जाए। 16 दिसंबर 2025 को पास संविदा और आउटसोर्स से जुड़ा कानून रद्द किया जाए। वर्ग-3 और वर्ग-4 के पदों पर स्थायी भर्ती की जाए। सरकारी ठेकों में ओबीसी, एससी और एसटी ठेकेदारों को एक करोड़ तक के काम में 33 प्रतिशत आरक्षण मिले। प्रतिनिधित्व और सामाजिक सम्मान इस कार्यक्रम को लेकर पदाधिकारियों ने कहा कि अगर मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया, तो पूरे प्रदेश में आंदोलन तेज किया जाएगा. सुरक्षा को देखते हुए पुलिस बल तैनात रहा.