उज्जैन में पुलिस ने पति-पत्नी को फंदे से उतारकर बचाई जान, व्हाट्सएप स्टेटस से मिली सूचना
उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। घट्टिया थाना क्षेत्र के नजरपुर गांव में आत्महत्या का प्रयास कर रहे पति-पत्नी को समय रहते बचा लिया गया। यह मामला इस बात का उदाहरण है कि समय पर मिली सूचना और त्वरित पुलिस कार्रवाई कैसे किसी की जान बचा सकती है।
व्हाट्सएप स्टेटस बना जीवनरक्षक संकेत
जानकारी के अनुसार, युवक असीम पटेल ने आत्महत्या से पहले अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव से परेशान होने की बात लिखी थी। यह स्टेटस पुलिस तक पहुंचा, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई की गई।
दरवाजा तोड़कर किया रेस्क्यू
थाना प्रभारी करण खोवाल के निर्देश पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। घर का दरवाजा अंदर से बंद था। खिड़की से देखने पर दोनों पति-पत्नी फंदे पर झूलते नजर आए। पुलिस ने रणनीति बनाकर एक ओर बातचीत में उन्हें उलझाए रखा और दूसरी ओर दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। तत्परता दिखाते हुए दोनों को फंदे से नीचे उतारा गया।
अस्पताल में इलाज, हालत स्थिर
रेस्क्यू के बाद दोनों को तुरंत शासकीय अस्पताल घट्टिया में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर पहुंचने से उनकी जान बच गई और अब दोनों की हालत खतरे से बाहर है।
पारिवारिक विवाद बना वजह
होश में आने के बाद दंपती ने बताया कि वे लंबे समय से पारिवारिक विवाद और तनाव से गुजर रहे थे। युवक ने अपने पिता पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। बताया गया कि दूसरी शादी के कारण परिवार में विवाद चल रहा था, जिसके चलते उसे घर से अलग कर दिया गया था।
पुलिस ने दी समझाइश
पुलिस ने दोनों को समझाइश दी और मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में थाना प्रभारी सहित पुलिस टीम के अन्य जवान भी शामिल रहे।
समाज के लिए संदेश
यह घटना बताती है कि मानसिक तनाव और पारिवारिक विवाद के मामलों में समय रहते मदद लेना कितना जरूरी है। पुलिस और समाज की सतर्कता से ऐसे कई मामलों में जान बचाई जा सकती है।