भोपाल में गोमांस अवशेष को लेकर बढ़ा तनाव, प्रदर्शन जारी
राजधानी भोपाल के आदमपुर छावनी इलाके में एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई है। 26 टन मांस मामले के मुख्य आरोपी असलम कुरैशी की जेल से रिहाई होते ही, कथित तौर पर गौ-वंश के अवशेषों को ठिकाने लगाने का मामला सामने आया है। अखिल भारतीय सर्वदलीय गौरक्षा समिति के कार्यकर्ताओं ने ट्रक रोककर जमकर प्रदर्शन किया। पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए हिंदू संगठनों ने रायसेन रोड पर चक्काजाम कर दिया है।
गहमागहमी का माहौल
भोपाल का रायसेन रोड... पर भारी गहमागहमी का माहौल है। मामला जुड़ा है आदमपुर कचरा खंती के पास स्थित रेंडरिंग प्लांट से। आरोप है कि स्लॉटर हाउस से लाया गया गौ-वंश का वेस्ट मटेरियल, जिससे मुर्गा और मछली का दाना बनाया जाता था, उसे गुपचुप तरीके से यहां से साफ किया जा रहा है।
अवशेषों को शिफ्ट किया
यह हलचल तब शुरू हुई जब इस मामले के मुख्य आरोपी असलम कुरैशी को एनएसए (NSA) की कार्रवाई के बाद जेल से रिहाई मिली। गौरक्षा समिति का दावा है कि रिहाई होते ही सबूत मिटाने के लिए हड्डियों और अवशेषों को शिफ्ट किया जा रहा था।
यह अवशेष गौ-वंश के ही
प्रदर्शनकारियों के उग्र तेवरों को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं का साफ कहना है कि प्रशासन इस मामले में ढुलमुल रवैया अपना रहा है। उनकी मांग है कि मौके पर मौजूद पूरे स्टॉक की फोरेंसिक जांच कराई जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह अवशेष गौ-वंश के ही हैं।
पुलिस मामले को शांत कराने में जुटी
"सवाल सिर्फ एक ट्रक को रोकने का नहीं है, सवाल उन 26 टन मांस के अवशेषों का है जो पहले भी चर्चा में रहे हैं। क्या आरोपी की रिहाई के बाद वाकई साक्ष्य मिटाने की कोशिश हो रही है? या फिर प्रशासन की नाक के नीचे ये सब कुछ पहले से चल रहा था? फिलहाल, रायसेन रोड पर तनाव बरकरार है और पुलिस मामले को शांत कराने में जुटी है।