Santosh Verma gave another controversial statement: विवादों में घिरे IAS अफसर संतोष वर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं. कई दिनों से सोशल मीडिया में उनके विवादित बयानों को सिलसिला जारी है.. और रोजाना कोई एक बयान से IAS विवादों में फंस जाते है.
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IAS संतोष का एक और वीडियो वायरल
अब विवादों में फंसे IAS संतोष का एक और वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे सीधे हाईकोर्ट पर गंभीर आरोप लगाते दिख रहे हैं.
Santosh Verma gave another controversial statement: पहला वीडियो..
सबसे पहले एक वीडियों वायरल हुआ जिसमें ब्राह्मण बेटियों पर दिए बयान से मचे हंगामे के बाद अब उनका नया बयान पूरे प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा रहा है.
जब तक कोई ब्राह्मण मेरे बेटे के लिए अपनी बेटी न दे दे
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ब्राह्मण मेरे बेटे के लिए अपनी बेटी न दे दे[/caption]
उन्होंने कहा था की.. जब तक कोई ब्राह्मण मेरे बेटे के लिए अपनी बेटी न दे दे, अर्थात संबंध न बना ले..तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए।
उनका कहना था, समाज में पिछड़ेपन को खत्म करना है. जब तक यह रोटी-बेटी के रिश्ते तक न आ जाए, संघर्ष जारी रहेगा.
SC-ST बच्चों को सिविल जज नहीं बनने दे रहा-हाईकोर्ट
वायरल वीडियो में संतोष वर्मा यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि “हाईकोर्ट SC-ST बच्चों को सिविल जज नहीं बनने दे रहा.
SC-ST बच्चों को सिविल जज नहीं बनने दे रहा हाईकोर्ट: उन्होंने दावा किया कि सिविल जज भर्ती में 50% कटऑफ होने के बावजूद SC-ST उम्मीदवारों को 49.95 तक नंबर देकर बाहर किया जा रहा है.
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Santosh Verma gave another controversial statement: सिविल जज क्यों नहीं?
साथ ही वर्मा ने आगे कहा कि इंटरव्यू में भी SC-ST उम्मीदवारों को पूरा 20 नहीं बल्कि सिर्फ 19.5 नंबर दिए जाते हैं. उनका सवाल था कि हमारा बच्चा IAS-IPS बन सकता है, पर सिविल जज क्यों नहीं?
कुछ लोग उनके दावों की जांच की मांग
वर्मा यही नहीं रुके. उन्होंने दावा किया कि हाईकोर्ट ही रोक रहा है SC-ST को आगे बढ़ने से.” अब यह बयान सामने आते ही विवाद और गहरा गया है.
SC-ST बच्चों को सिविल जज नहीं बनने दे रहा हाईकोर्ट: लोग इसे “संविधान, न्यायपालिका और समाज को बांटने वाला बयान” बताते हुए सवाल उठा रहे हैं. वहीं कुछ लोग उनके दावों की जांच की मांग कर रहे हैं.
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