मध्य प्रदेश

Rewa:  हॉस्टल बना तालाब, नाव से 45 छात्रों का रेस्क्यू

11 मजदूर 9 घंटे तक फंसे रहे अस्पताल की छत पर

बुधवार रात से हो रही मूसलधार बारिश ने रीवा शहर की तस्वीर ही बदल दी। चारों तरफ पानी-पानी और घरों में बहता सामान... मानो शहर नहीं, जलसागर बन गया हो। निराला नगर इलाके में सड़कों पर बाढ़ जैसे हालात बन गए, जबकि कई घरों में पानी आधी दीवार तक चढ़ गया।

 हॉस्टल में भरा 6 फीट पानी, नाव से बचाए गए छात्र

सरदार वल्लभ भाई पटेल बॉयज़ हॉस्टल में हालात इतने बिगड़ गए कि पहली मंजिल तक पानी भर गया। करीब 45 छात्र दूसरी मंजिल पर फंसे रहे, जिन्हें नाव की मदद से एक घंटे के ऑपरेशन के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। छात्रों को अब पास के सरस्वती स्कूल स्थित राहत शिविर में रखा गया है।

 घर या तालाब?

निराला नगर की रहने वाली प्रिया शर्मा ने कहा, “एक दिन की बारिश में पूरा मोहल्ला तालाब बन जाता है। नगर निगम सालभर सोता रहता है। पहले से कोई तैयारी नहीं। क्या यही विकास है?”

निर्माणाधीन अस्पताल में 11 मजदूर 9 घंटे तक फंसे

रीवा से करीब 40 किमी दूर सथनी गांव में एक निर्माणाधीन अस्पताल की छत पर 11 मजदूर (9 पुरुष, 2 महिलाएं) फंस गए। एसडीआरएफ की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद तेज बहाव के बीच नाव से सभी को 9 घंटे बाद बाहर निकाला।

वार्ड-36 में लोहे की सीढ़ी गिरी, 20 लोगों को क्रेन से निकाला

बारिश के चलते वार्ड-36 में 20 फीट ऊंची लोहे की सीढ़ी गिर गई, जिससे दूसरी मंजिल पर फंसे 20 लोगों को क्रेन से नीचे उतारना पड़ा।