मध्य प्रदेश
MP NEWS :प्रोजेरिया के मध्य प्रदेश में 4 मरीज मिले,जवानी में आया बुढापा!
Progeria cases in Madhya Pradesh : प्रोजेरिया या हचिंसन-गिलफोर्ड प्रोजेरिया सिंड्रोम (HGPS) एक दुर्लभ और आनुवंशिक बीमारी है, जिसमें बच्चे तेजी से बूढ़े दिखने लगते हैं। इस बीमारी में युवावस्था में ही व्यक्ति को बुढ़ापे से जुड़ी कई समस्याएं होने लगती हैं जैसे जोड़ों में दर्द, बाल झड़ना, त्वचा सिकुड़ना, हृदय रोग आदि। दुनिया भर में इसके लगभग 400 से अधिक मरीज हैं, जिनमें से मध्यप्रदेश में चार मामले पाए गए हैं।
मध्यप्रदेश में मिले चार मामले
मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में पाए गए चार मरीज प्रोजेरिया से पीड़ित हैं। ये बच्चे शारीरिक रूप से सामान्य उम्र के बच्चों से भिन्न दिखते हैं और इनका शारीरिक विकास भी बाधित होता है। इनके परिवार और डॉक्टरों ने इस बीमारी के कारण बच्चों के स्वास्थ्य और जीवनशैली को लेकर चिंता जताई है। प्रोजेरिया के कारण बच्चों का जीवनकाल सामान्य से कम होता हैबीमारी के कारण और लक्षण
प्रोजेरिया का कारण LMNA नामक जीन में उत्परिवर्तन होता है जो कोशिका के नाभिक को बनाए रखने वाले प्रोटीन लैमिन-ए को प्रभावित करता है। इससे कोशिकाओं की उम्र जल्द बढ़ने लगती है। READ MORE :मध्यप्रदेश में नवाचार और आत्मनिर्भरता की नई उड़ान”प्रोजेरिया के लक्षण
- बाल झड़ना और त्वचा का थिन होना
- छोटे कद काठी और कमजोर हड्डियां
- जोड़ों का सिकुड़ना और दर्द
- तेजी से हृदय संबंधी समस्याओं का विकास
- चेहरे की हड्डी का बढ़ जाना