मध्य प्रदेश

Police Investigation: उज्जैन में सीएम मोहन यादव के नाम पर करोड़ों की ठगी

Police Investigation: उज्जैन में एक बड़ा ठगी का मामला सामने आया है, जहां वसीम हाजी नामक व्यक्ति ने खुद को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और आरबीआई अधिकारियों का करीबी बताकर करोड़ों रुपए की ठगी की। सुत्रो की माने तो इस मामले से जुड़े दो सनसनीखेज ऑडियो क्लिप मिले हैं, जिसमें वसीम खुद को पावर ब्रोकर बताते हुए कह रहा है कि वह सीएम का काम रुकवा सकता है या करवा सकता है। ऑडियो में वसीम यह भी कहता है कि मुख्यमंत्री ने खुद उससे कहा था कि "मेरा नाम ओपन मत करना, संघ वालों ने हॉस्पिटल का काम रुकवा दिया है।" [caption id="attachment_111720" align="alignnone" width="300"] Police Investigation[/caption]

अब तक तीन पीड़ित सामने आए हैं जिनसे वसीम ने लोन दिलाने के नाम पर 5 लाख से 35 लाख रुपए तक ठग लिए। वह पीड़ितों को आरबीआई में अपनी पहुंच और फर्जी पहचान के नाम पर बहला-फुसलाकर ठगी करता था।

Police Investigation: तीन प्रमुख ठगी के मामले:

1.आबिद का मामला: घर बनाने के लिए लोन की जरूरत थी। वसीम ने 1 करोड़ का लोन दिलाने का झांसा दिया और प्रोसेसिंग फीस, चाय-पानी, अफसरों की बैठक जैसे बहानों से दो साल में आबिद से 25 लाख रुपए और पत्नी के गहने ले लिए। न लोन मिला, न पैसे वापस।

2.अमरीन बानो का मामला:

15 लाख के लोन के लिए अमरीन ने 75 लाख रुपए दे दिए। सारा पैसा खर्च हो गया लेकिन न लोन आया, न कोई मदद मिली। वह भी झांसे का शिकार बनीं। 3.मोहम्मद आजम कुरैशी का मामला: बिजनेस बढ़ाने के लिए लोन चाहिए था। वसीम ने 20 लाख वसूले और तिजोरी में कैश आने का झांसा दिया। आज तक तिजोरी खाली है और लोन भी नहीं मिला।

Police Investigation: अन्य हथकंडे:

  • वसीम ने फर्जी तस्वीरें दिखाकर भरोसा दिलाया कि लोन पास हो गया है।
  • पीड़ितों से सोने के गहने, स्टांप पेपर, आधार, पैन कार्ड और चेकबुक तक ले ली।
  • इन्हीं दस्तावेजों का दुरुपयोग कर अन्य संस्थानों से लोन लिया गया, जिसकी किस्तें अब पीड़ित चुका रहे हैं।
  • खुद को वक्फ बोर्ड का 'सदर' बताकर फर्जी लेटर भी दिखाता था और वक्फ की जमीन लीज पर दिलाने का झांसा देता था।

फिलहाल पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। मामला गंभीर है और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।