मध्यप्रदेश लैपटॉप योजना में नया नियम लागू। अब केवल

MP Laptop Yojana में बड़ा बदलाव: पहली बार में 75% लाने वालो को ही मिलेगा लैपटॉप

मध्यप्रदेश में मेधावी छात्रों के लिए चल रही लैपटॉप योजना में इस बार बड़ा बदलाव किया गया है। अब केवल वही छात्र इस योजना का लाभ ले सकेंगे, जिन्होंने 12वीं बोर्ड परीक्षा में पहली ही बार में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल किए हों। शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि दूसरी परीक्षा देकर अंक सुधारने वाले छात्र इस योजना के दायरे से बाहर रहेंगे।

इस फैसले से उन छात्रों को झटका लगा है, जो पहली परीक्षा में कम अंक आने के बाद दोबारा परीक्षा देकर बेहतर परिणाम की उम्मीद कर रहे थे। सरकार का कहना है कि यह योजना सिर्फ ‘पहले प्रयास में सफल’ मेधावियों को प्रोत्साहित करने के लिए है।

कितने छात्रों को मिलेगा लाभ, कब आएंगे पैसे?

इस साल राज्य सरकार करीब 1.21 लाख छात्रों को लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार की राशि देगी। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल से पात्र छात्रों की सूची मंगाई गई है।सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जून-जुलाई में सीधे छात्रों के बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर किया जाएगा। इस योजना पर सरकार करीब 302 करोड़ खर्च करेगी।

हर साल बढ़ रहा लाभार्थियों का आंकड़ा

लैपटॉप योजना के तहत पात्र छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 2023 में 78 हजार, 2024 में 90 हजार और 2025 में 94,500 छात्रों को लाभ मिला था। इस साल यह संख्या बढ़कर 1.21 लाख तक पहुंचने का अनुमान है।पिछले साल की तुलना में करीब 26 हजार ज्यादा छात्र इस बार पात्र हुए हैं, जिससे सरकार पर आर्थिक भार भी बढ़ा है।

दोबारा परीक्षा से अंक बढ़े तो भी नहीं मिलेगा फायदा

एमपी बोर्ड की सप्लीमेंट्री परीक्षा 7 मई से शुरू हो रही है, लेकिन इसमें अच्छा प्रदर्शन करने के बाद भी छात्रों को लैपटॉप योजना का लाभ नहीं मिलेगा।पहले इसको लेकर छात्रों में भ्रम था, जिसे अब शिक्षा विभाग ने पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है।