मध्य प्रदेश
एमपी बीजेपी में नई टीम का ऐलान, हेमंत खंडेलवाल की टीम में नए चेहरों को मौका, फिर आशीष अग्रवाल पर भरोसा
MP BJP new team announcement: मध्य प्रदेश भाजपा संगठन में बड़ा reshuffle करते हुए पार्टी ने प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की नई टीम की घोषणा कर दी है। गुरुवार को भाजपा के केंद्रीय मुख्यालय से आधिकारिक सूची जारी की गई। खंडेलवाल के अध्यक्ष बनने के 3 महीने 21 दिन बाद उनकी कार्यकारिणी टीम घोषित की गई है। नई टीम में संगठन और जातीय-सामाजिक संतुलन साधने की पूरी कोशिश की गई है।
टीम हेमंत में बड़े बदलाव
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की नई टीम में कई नए और पुराने चेहरों का मिश्रण देखने को मिला। टीम में 9 उपाध्यक्ष, 4 प्रदेश महामंत्री और 9 मंत्री शामिल किए गए हैं। इनमें संगठन की मजबूती और आगामी लोकसभा व नगरीय निकाय चुनावों को ध्यान में रखकर नियुक्तियां की गई हैं। भाजपा ने प्रदेश महामंत्री के रूप में इन नेताओं को शामिल किया है:- लता वानखेड़े
- सुमेर सिंह सोलंकी
- गौरव रणदिवे
- राहुल कोठारी
फिर आशीष अग्रवाल पर भरोसा
MP BJP new team announcement: मौजूदा मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल पर पार्टी ने एक बार फिर भरोसा जताया है। विधानसभा चुनाव 2023 से पहले लोकेंद्र पाराशर को हटाकर आशीष अग्रवाल को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मीडिया प्रबंधन में उनके प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें दोबारा यह पद दिया गया है। इसके अलावा रीवा संभाग के संगठन मंत्री रहे श्याम महाजन को प्रदेश कार्यालय मंत्री बनाया गया है, जबकि अखिलेश जैन को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। संगठनात्मक ढांचे में यह दोनों पद काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं।उपाध्यक्ष पदों पर प्रभावशाली नेताओं की एंट्री
टीम हेमंत में 9 नेताओं को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। इनमें कई नाम राजनीतिक रूप से प्रभावशाली हैं:- रनबीर सिंह रावत – पहले VD शर्मा की टीम में प्रदेश महामंत्री थे, अब उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई।
- मनीषा सिंह – वर्तमान विधायक और पहले प्रदेश मंत्री रहीं, अब प्रमोशन के साथ उपाध्यक्ष पर पदोन्नत।
- शैलेंद्र बरुआ – पूर्व संभागीय संगठन मंत्री, अब प्रदेश उपाध्यक्ष।
- प्रभुलाल जाटव – मुख्यमंत्री के करीबी माने जाते हैं, इसलिए संगठन में मजबूत प्रतिनिधित्व।
- प्रभुराम चौधरी – पूर्व मंत्री और ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे से आते हैं।
- कांत देव सिंह – दोबारा उपाध्यक्ष बनाकर संगठन में निरंतरता बनाए रखी गई है।
- निशांत खरे – मध्य प्रदेश युवा कल्याण आयोग के पूर्व अध्यक्ष, युवाओं में पकड़ और संगठनात्मक अनुभव का लाभ मिलेगा।