मध्य प्रदेश

Mohan cabinet meeting held: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की हुई बैठक

Mohan cabinet meeting held: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई.. जो मंत्रालय में वंदे मातरम गान के साथ शुरू हुई. जिसमें मंत्रि-परिषद द्वारा अनूपपुर, मंडला और डिंडोरी जिलों में अपर नर्मदा परियोजना, राघवपुर बहुउद्देशीय परियोजना और बसानिया बहुउद्देशीय परियोजना के डूब प्रभावितों के लिए.. 1,782 करोड़ रुपये का पैकेज को स्वीकृत दी गई..

विशेष पैकेज स्वीकृत किया गया

जिसमें परियोजनाओं के डूब प्रभावितों के लिए डीपीआर में प्रावधानित 1656 करोड़ 2 लाख रुपये के अतिरिक्त 1,782 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज स्वीकृत किया गया है.

125 मेगावाट विदयुत उत्पादन प्रावधानित

बता दें की अपर नर्मदा परियोजना, राघवपुर बहुउद्देशीय परियोजना और बसानिया बहुउद्देशीय परियोजना 5,512 करोड़ 11 लाख रूपये की है।

इससे 71 हजार 967 हेक्टेयर की सिंचाई सुविधा और 125 मेगावाट विदयुत उत्पादन प्रावधानित है..

वहीं इन तीनों परियोजनाओं से कुल 13 हजार 873 परिवार प्रभावित होंगे, जिन्हें विशेष पैकेज अनुसार निर्धारित मुआवजा प्रति परिवार 12.50 लाख रूपये दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अवसंरचना योजना के कार्यों को अनुमति

मंत्री-परिषद द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क और अवसंरचना योजना में विभाग में 10 लाख लागत राशि के कार्य स्वीकृत किए जाने की अनुमति प्रदान की गई.. स्वीकृति अनुसार 693 करोड़ 76 लाख रूपये की लागत के लगभग 3810 कार्य पूर्ण किए जा सकेंगे।

मेट्रो रेल परियोजना के संचालन और रखरखाव के लिए राशि स्वीकृत

बता दें की मंत्री-परिषद द्वारा भोपाल एवं इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के संचालन और रखरखाव के लिए साल 2025-26 के लिए राजस्व मद में 90 करोड़ 67 लाख रुपये के बजट की स्वीकृति प्रदान की गई है..

मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना को निरंतर रखने की स्वीकृति!

मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना को साल 2026-27 से साल 2030-31 तक निरंतर रखे जाने और योजना के तहत 905 करोड़ 25 लाख रुपये के व्यय की स्वीकृति प्रदान की गई.

वन विज्ञान केंद्र की स्थापना के लिए राशि स्वीकृति

वित्तीय साल 2025-26 से 2029-30 तक राज्य में 6 वन विज्ञान केंद्र की स्थापना के लिए 48 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई. स्वीकृति अनुसार प्रदेश में वन क्षेत्र के बाहर वानिकी विस्तार गतिविधियों को बढ़ाने

वन भूमि की उत्पादकता बढ़ाने

काष्ठ के विदोहन से अतिरिक्त आय के साधन के लिए जागरूकता बढ़ाने वृक्ष खेती को बढ़ावा देने और कृषि वानिकी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से वन विज्ञान केंद्र की स्थापना की जा रही है। READ MORE: सतना के अस्पताल में 4 बच्चों को चढ़ाया HIV ब्लड, 4 महीने बाद हुआ खुलासा