मध्य प्रदेश

मोहन कैबिनेट में लिए कई अहम फैसले, भावान्तर योजना लागू करने वाला MP पहला राज्य

Mohan Cabinet: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्री-परिषद की बैठक हुई. इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री चैतन्य कश्यप ने जानकारी दी. सरकार ने बताया कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है जिसने भावान्तर योजना को पूरी तरह लागू किया, और किसानों को बड़े पैमाने पर लाभ पहुंचाया. कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में MP में पिछले 2 सालों में सिंचाई का रकबा लगातार बढ़ रहा है.

आदिवासी परिवारों की बल्ले-बल्ले

बैठक में नर्मदा घाटी की सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों को आवंटित किये गए आवासीय भूखंडो का पंजीयन नि:शुल्क कराये जाने का फैसला लिया गया। मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) अनुसार देय पंजीयन शुल्क एवं स्टॉम्य ड्यूटी की प्रतिपूर्ति नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा की जायेगी। इससे 25,600 से अधिक परिवारों को लाभ होगा। इस फैसले से राज्य शासन पर 600 करोड़ रूपये का वित्तीय भार आयेगा। [caption id="attachment_132069" align="alignnone" width="575"] मोहन कैबिनेट में लिए कई अहम फैसले[/caption]

2 सिंचाई परियोजनाओं की स्वीकृति

Mohan Cabinet: मंत्री-परिषद द्वारा मैहर एवं कटनी में 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 620 करोड़ 65 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई. इस सिंचाई परियोजना लागत 53 करोड़ 73 लाख रूपये की स्वीकृति दी गयी है। इससे 3500 हेक्टयर में सिंचाई की सुविधा प्राप्त होंगी और मैहर एवं कटनी जिले के 9 ग्राम के 2810 कृषक लाभान्वित होंगे। कटनी की बरही सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना लागत 566 करोड 92 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी. इससे, कटनी जिले की बरही और विजयराघवगढ़ तहसील के 27 ग्राम के 11,500 कृषक लाभान्वित होंगे और 20 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होंगी.

पशुपतिनाथ लोक का लोकार्पण

बैठक में बताया गया कि महाकाल लोक की तर्ज पर पशुपतिनाथ लोक का लोकार्पण भी किया गया. वहीं 30 जनवरी को आयोजित पुष्प महोत्सव में 40 हजार किसानों ने हिस्सा लिया और यह आयोजन लगभग 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सक्रिय कृषि कार्यों से जुड़ा हुआ था.

Mohan Cabinet: कर्मचारियों का विलय

इसके अलावा सरकार ने राज्य समाज कल्याण बोर्ड के कर्मचारियों को महिला एवं बाल विकास में विलय करने की स्वीकृति दी. बैठक में CM ने कहा कि प्रदेश ने पहली बार भोपाल में 30 जनवरी को पुष्प महोत्सव आयोजित किया गया. यह केवल फूलों की प्रदर्शनी नहीं बल्कि फूलों के माध्यम से MP के किसानों की आमदनी बढाने का एक उत्सव था. https://youtube.com/shorts/ExP6jFzddjg?si=F4GIfX4Bp8K9BcRl

योजनाओं की बढ़ी अवधी

कैबिनेट में वित्त विभाग की 8 योजनाओं सहित कई अन्य योजनाओं की अवधि साल 2026–27 से 2030–31 तक बढ़ाने का फैसला लिया. इनमें 
  • सम्बल योजना 2030-31 तक बढ़ाई
  • गौ संवर्धन योजना 
  • किशोर कल्याण द्वितीय योजना 
  • घरेलू हिंसा निवारण क्षमता योजना 
इन सभी योजनाओं की बढ़ी हुई अवधि से प्रदेश पर कुल 15,009 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा.