मध्य प्रदेश सरकार ने गेहूं उपार्जन लक्ष्य को 78 ला

गेहूं उपार्जन को रफ्तार देने में जुटी मप्र सरकार, सीएम डॉ यादव ने दिए किसानों को हर सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश

गेहूं उपार्जन को रफ्तार देने में जुटी मप्र सरकार, सीएम डॉ यादव ने दिए किसानों को हर सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश

मध्य प्रदेश में गेहूं उपार्जन को लेकर सरकार ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ निर्देश दिए हैं कि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसी के तहत राज्य में गेहूं खरीदी का लक्ष्य बढ़ाकर 78 लाख मीट्रिक टन से 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है, जिससे किसानों को अधिक अवसर मिल सके।

किसानों के लिए आसान हुई प्रक्रिया

सरकार ने उपार्जन व्यवस्था को और सुदृढ़ करते हुए अब छोटे, सीमांत, मध्यम और बड़े सभी वर्गों के किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग की सुविधा शुरू कर दी है। इतना ही नहीं, उपार्जन केंद्रों की दैनिक क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल कर दी गई है। स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख भी बढ़ाकर 9 मई कर दी गई है, जिससे ज्यादा किसान लाभ उठा सकें।

मप्र सीएम डॉ यादव

उपार्जन केंद्रों पर सुविधाएं अनिवार्य

मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि सभी उपार्जन केंद्रों पर तौल कांटे, हम्माल, छाया और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही प्रतिदिन गेहूं खरीदी, परिवहन, भंडारण और किसानों के भुगतान की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

बारिश से बचाव के लिए विशेष इंतजाम

चना और मसूर की खरीदी को लेकर भी सरकार सतर्क है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि इनकी खरीदी मंडी के शेड के अंदर ही की जाए, ताकि असमय बारिश से फसल को नुकसान न पहुंचे।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि उपार्जन के लिए बारदानों की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है। प्रत्येक केंद्र पर कम से कम सात दिन की खरीदी के लिए बारदान उपलब्ध रहेगा और न्यूनतम छह इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे लगाए जाएंगे।

आंकड़ों में उपार्जन की स्थिति

प्रदेश में फिलहाल 3,516 उपार्जन केंद्र संचालित हैं। अब तक 8.55 लाख किसानों ने स्लॉट बुकिंग कराई है, जिनमें से करीब 3.96 लाख किसानों से 16.60 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। इसके बदले किसानों को 2,527 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गेहूं उपार्जन का लक्ष्य बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मंडियों में भी किसानों की गतिविधियों पर नजर रखी जाए, ताकि किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।