मध्यप्रदेश में लागू होगा समान नागरिक संहिता कानून:सरकार ने बनाई हाईपावर कमेटी
मध्य प्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। बता दें कि उत्तराखंड और गुजरात के बाद अब एमपी भी इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्य के विधि और विधायी कार्य विभाग ने एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति के गठन का आदेश जारी किया है, जो प्रदेश में निजी कानूनों का अध्ययन कर एक समान कानूनी ढांचा तैयार करेगी।
ड्राफ्ट बिल प्रस्तुत करने का निर्देश
MP सरकार के अनुसार इस समिति की अध्यक्षता रंजना प्रसाद देसाई करेंगी, जो सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं। जस्टिस देसाई इससे पहले उत्तराखंड में यूसीसी ड्राफ्ट तैयार करने वाली समिति का भी नेतृत्व कर चुकी हैं। समिति को 60 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट और ड्राफ्ट बिल प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
एक संतुलित और व्यावहारिक ड्राफ्ट तैयार करेगी
यह समिति विवाह, तलाक, गोद लेने और उत्तराधिकार जैसे मामलों में लागू विभिन्न व्यक्तिगत कानूनों का गहराई से विश्लेषण करेगी। और उत्तराखंड और गुजरात के मॉडल का अध्ययन कर उनकी खूबियों को शामिल करने का प्रयास करेगी। साथ ही समिति आम जनता, धार्मिक संगठनों और विशेषज्ञों से सुझाव लेकर एक संतुलित और व्यावहारिक ड्राफ्ट तैयार करेगी।
अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया
सरकार का कहना है कि अलग-अलग कानूनों के कारण कई बार कानूनी जटिलताएं और असमानताएं पैदा होती हैं। ऐसे में एक समान कानून से न्याय प्रक्रिया सरल होगी और सभी नागरिकों को समान अधिकार मिल सकेंगे। विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया जाएगा।
किसी प्रकार की कानूनी परेशानी न हो
इसके साथ ही प्रस्तावित कानून में ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ के पंजीकरण और उससे जुड़े अधिकारों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। समिति इस बात का भी ध्यान रखेगी कि कानून का क्रियान्वयन सरल हो और भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी परेशानी न हो।