मध्य प्रदेश

MP-CG, केरल में SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, लाखों नाम कटे

MP SIR Draft Voter List: देश के 4 राज्यों- मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, अंडमान निकोबार द्वीप समूह और केरल में निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है। इस प्रक्रिया में 4 राज्यों से लाखों मतदाताओं के नाम सूची से बाहर हो गए हैं

MP में 42.74 लाख नाम हटाए

मध्य प्रदेश में 42.74 लाख नाम हटाए गए। इसमें 19.19 लाख पुरुष, 23.64 लाख महिलाएं हैं। राजधानी भोपाल में पुनरीक्षण के बाद 4.38 लाख नाम कटे हैं। भोपाल की गोविंदपुरा और नरेला विधानसभा में सबसे बड़ी कटौती देखी गई है।  लिस्ट में 8.46 लाख मृत, 8.42 लाख अनुपस्थित, 22.78 लाख शिफ्ट और 2.76 लाख डुप्लिकेट वोटर पाए गए।

केरल में चुनाव

केरल में 24.08 लाख और छत्तीसगढ़ में 27.34 लाख नाम लिस्ट से हटाए गए। CG में 6.42 लाख मतदाताओं की मौत हो चुकी है। 19.13 लाख शिफ्ट हुए और 1.79 लाख डुप्लीकेट पाए गए। केरल में 2026 में विधानसभा की सभी 140 सीटों पर चुनाव होना है। लिस्ट जारी होने के बाद दावे आपत्ति की प्रक्रिया 22 जनवरी 2026 तक चलेगी और 21 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।

मध्य प्रदेश में SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी हो चुकी है। चुनाव आयोग की तरफ से जारी इस लिस्ट में 42.74 लाख नाम हटाए गए हैं। इनमें 19.19 लाख पुरुष और 23.64 लाख महिलाएं हैं। इसके अलावा 8.40 लाख नाम वो हैं, जिनकी मैपिंग नहीं हुई।

इससे पहले आयोग 7 राज्यों पश्चिम बंगाल, राजस्थान, तमिलनाडु, गुजरात, गोवा, लक्षद्वीप और पुडुचेरी की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर चुका है।

MP SIR Draft Voter List: वेबसाइट पर दिक्कत

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होते ही वेबसाइट पर दिक्कत देखने मिली। वेबसाइट खुलते ही EPIC नंबर डालने पर कैप्चा आ रहा था, लेकिन उसे सब्मिट करने पर डिटेल नहीं मिल रही। मोबाइल नंबर डालने पर ही वोटर डिटेल खुल रही है।

राजनीतिक दलों के साथ होगी साझा

बता दे कि, ड्राफ्ट और फाइनल वोटर लिस्ट, दावा-आपत्ति की सूची वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। यह राजनीतिक दलों के साथ साझा होगी। इसके बाद ERO के फैसले के खिलाफ जिला मजिस्ट्रेट और फिर CEO के पास अपील का प्रावधान भी रहेगा।

बिना सुनवाई के नहीं कटेगा नाम

MP SIR Draft Voter List: अगर किसी मतदाता के दस्तावेज रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते है, तो ERO नोटिस जारी करेगा। जांच के बाद नाम जोड़ने या हटाने का फैसला लिया जाएगा। बिना सुनवाई के किसी का भी नाम काटा नहीं जाएगा।