मध्य प्रदेश

Kranti Singh Gaud: विश्व विजेता क्रांति सिंह गौड़ का सीएम ने किया सम्मान, संघर्ष से चमकी सफलता

Kranti Singh Gaud:भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व कप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य क्रांति सिंह गौड़ का सम्मान किया। सीएम हाउस में आयोजित समारोह में क्रांति को मोमेंटो और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। [caption id="attachment_115185" align="alignnone" width="300"] Kranti Singh Gaud[/caption]

विश्वस्तरीय स्टेडियम का होगा निर्माण !

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सस्पेंड चल रहे क्रांति के पिता मुन्ना सिंह को पुलिस विभाग में बहाल किया जाएगा। साथ ही, छतरपुर में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए एक विश्वस्तरीय स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा।

15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस पर जबलपुर में क्रांति के सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

Kranti Singh Gaud:अपने गृह जिले छतरपुर के लिए रवाना हुईं

समारोह में खेल मंत्री विश्वास सारंग ने क्रांति के माता-पिता मुन्ना सिंह और नीलम, तथा उनके कोच राजीव बिल्थरे को भी सम्मानित किया। समारोह के बाद क्रांति भोपाल से अपने गृह जिले छतरपुर के लिए रवाना हुईं।

कार्यक्रम के बाद उनका भव्य स्वागत किया

[caption id="attachment_115186" align="alignnone" width="300"] Kranti Singh Gaud[/caption] छतरपुर में उन्हें अभिनंदन किया जाएगा और गुलगंज में चौपरिया सरकार मंदिर में दर्शन के बाद उनका स्वागत जुलूस निकलेगा। शाम करीब साढ़े 4 बजे क्रांति अपने गांव घुवारा पहुंचेंगी, जहां तुलादान कार्यक्रम के बाद उनका भव्य स्वागत किया जाएगा।

क्रांति सिंह गौड़ का क्रिकेट सफर संघर्षपूर्ण रहा

क्रांति सिंह गौड़ का क्रिकेट सफर संघर्षपूर्ण रहा है। उन्होंने कक्षा 8वीं तक पढ़ाई की और बचपन से ही क्रिकेट खेलती थीं। वह गांव के लड़कों के साथ मैच खेलती थीं और फिर मौसी के घर मकरोनिया में रहकर सागर की क्रिकेट एकेडमी में प्रशिक्षण लिया। उनका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और सरकारी क्वार्टर में रहता है। पिता मुन्ना सिंह 2011 से सस्पेंड हैं, और परिवार के पास अपनी जमीन या मकान नहीं है।

Kranti Singh Gaud:क्रांति ने अपने इंटरव्यू में बताया कि कई बार खाने की दिक्कतें भी आईं। बड़े भाई मयंक दिल्ली में कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करके घर की आर्थिक स्थिति संभालते थे।

महिला क्रिकेट टीम की विश्व कप जीत में योगदान दिया

क्रिकेट किट और अन्य खर्चों के लिए उनके माता-पिता ने भी अपनी बचत और गहने तक बेच दिए। इन सभी संघर्षों के बावजूद क्रांति ने अपने क्रिकेट के सपने को जीवित रखा और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विश्व कप जीत में योगदान दिया।