मध्य प्रदेश

Khandwa news: खंडवा ट्रैक्टर हादसे में 11 की मौत: फरार चालक दीपक किराड़े गिरफ्तार, गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज

Khandwa news: मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए भीषण हादसे में 11 लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने फरार ट्रैक्टर चालक दीपक किराड़े को हिरासत में ले लिया है। यह हादसा गुरुवार को पंधाना थाना क्षेत्र के पाढर फाटा गांव में हुआ था, जब ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई थी। हादसे के बाद से फरार चल रहा चालक आखिरकार धुलकोट के जंगल से पकड़ा गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पंधाना थाने में लाकर पूछताछ शुरू कर दी है। [caption id="attachment_108569" align="alignnone" width="300"] Khandwa news[/caption]

Khandwa news: जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

गुरुवार को दुर्गा विसर्जन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर निकले थे। इसी दौरान असंतुलित होकर ट्रॉली पलट गई, जिसमें 11 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए। घायलों को तत्काल खंडवा जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

Khandwa news: culpable homicide not amounting to murder

इस हादसे के बाद चालक दीपक किराड़े मौके से भाग गया था, जिसे पकड़ने के लिए पुलिस ने सघन तलाशी अभियान चलाया। आखिरकार धुलकोट के जंगल से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 के तहत गैर इरादतन हत्या (culpable homicide not amounting to murder) का मामला दर्ज किया गया है।

ओवरलोडिंग क्यों की और हादसे के बाद वह भागा क्यों

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्रैक्टर ट्रॉली में क्षमता से अधिक लोग सवार थे और चालक की लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ। अब पुलिस चालक से पूछताछ कर रही है कि उसने ट्रॉली में ओवरलोडिंग क्यों की और हादसे के बाद वह भागा क्यों।

Khandwa news: दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग

यह दर्दनाक घटना पूरे क्षेत्र में शोक का कारण बनी हुई है। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने भी घटना पर गहरा दुख जताया है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

अनदेखी पर सवाल खड़े हो रहे हैं

यह हादसा त्योहार के उल्लास को मातम में बदल गया और अब प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा मानकों के पालन की अनदेखी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।