जबलपुर हाईकोर्ट ने HUT से जुड़े तीन संदिग्धों को ज

मप्र हाईकोर्ट का बड़ा फैसला; हिजबुल तहरीर के 3 संदिग्धों को जमानत, बाकियों पर सुनवाई जारी

मप्र हाईकोर्ट का बड़ा फैसला; हिजबुल तहरीर के 3 संदिग्धों को जमानत, बाकियों पर सुनवाई जारी

मध्य प्रदेश के जबलपुर हाईकोर्ट ने बुधवार को लिए गए एक अहम फैसले ने सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। हिज्ब-उत-तहरीर (HUT) आतंकी संगठन से जुड़े तीन संदिग्धों को अदालत ने जमानत दे दी है, जबकि बाकी आरोपियों के खिलाफ सुनवाई अब भी जारी है। यह मामला देशभर में फैले कथित आतंकी नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।

तीन आरोपियों को मिली राहत

NIA 

हाईकोर्ट ने जिन तीन आरोपियों को जमानत दी है, उनमें मोहम्मद शेख, जुनैद, मोहम्मद वसीम और मोहम्मद करीम के नाम शामिल हैं। इनकी रिहाई की प्रक्रिया जल्द ही भोपाल जेल से पूरी की जा सकती है।

बताया जा रहा है कि कुल 17 संदिग्धों में से इन तीन को राहत मिली है, जबकि अन्य आरोपियों के मामलों पर अदालत में सुनवाई जारी है।

राहत मिलने वाले संदिग्धों की फ़ोटो

NIA और ATS ने की थी बड़ी कार्रवाई

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और एटीएस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए देशभर से 17 संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी ने इन सभी के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी है।

चार्जशीट में जिन लोगों को नामित किया गया है, उनमें मोहम्मद आलम, मिस्बाह उल हसन, मेहराज अली, खालिद हुसैन, सैयद सामी रिजवी, यासिर खान, सलमान अंसारी, सैयद दानिश अली समेत अन्य आरोपी शामिल हैं।

तीसरे संदिग्ध की फ़ोटो

कट्टरपंथी विचारधारा और भर्ती का आरोप

जांच एजेंसियों के अनुसार, ये सभी आरोपी हिज्ब-उत-तहरीर की कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित थे। संगठन का मकसद भारत में शरीयत आधारित व्यवस्था स्थापित करना बताया गया है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी मध्य प्रदेश में गुप्त रूप से लोगों की भर्ती कर रहे थे और अपना नेटवर्क मजबूत करने में जुटे थे।

गुप्त ट्रेनिंग और साजिश का खुलासा

एजेंसियों के मुताबिक, संगठन अपने सदस्यों को गुप्त रूप से जोड़ता था और उन्हें प्रशिक्षण शिविरों में हथियार चलाने और कमांडो रणनीति की ट्रेनिंग दी जाती थी। आरोप है कि ये लोग पुलिसकर्मियों और विभिन्न समुदायों के लोगों को निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे, जिससे देश में भय और अस्थिरता का माहौल पैदा किया जा सके।