जबलपुर के बरगी डैम क्रूज हादसे में 13 लोगों की मौत

जबलपुर क्रूज हादसा: चौथे दिन मिला चाचा-भतीजे का शव, 13 मौतों से मातम का सन्नाटा

जबलपुर के बरगी डैम में हुए भीषण क्रूज हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। चौथे दिन रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सेना और NDRF की टीमों ने पानी से चाचा कामराज और उनके भतीजे मयूरन के शव बरामद किए।यह दर्दनाक हादसा 30 अप्रैल की शाम उस समय हुआ जब MP टूरिज्म का क्रूज अचानक तेज हवा और ऊंची लहरों के बीच पलट गया। हादसे के बाद से लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

चौथे दिन मिले चाचा-भतीजे के शव 

जानकारी के अनुसार क्रूज में करीब 47 लोग सवार थे, जबकि टिकट सिर्फ 29 यात्रियों की ही बुकिंग दर्ज थी। हादसा किनारे से लगभग 300 मीटर दूर हुआ।बताया जा रहा है कि उस समय हवा की रफ्तार करीब 74 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई थी, जिससे क्रूज का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गया। सर्च ऑपरेशन के दौरान शनिवार शाम और रविवार सुबह कई शव बरामद हुए। पहले श्रीतमिल और विराज के शव मिले, जिसके बाद सुबह कामराज आर और उनके 8 वर्षीय भतीजे मयूरन के शव भी पानी से निकाले गए।इन सभी शवों को पोस्टमार्टम और पहचान प्रक्रिया के बाद परिजनों को सौंपने की तैयारी की जा रही है।

सेना-NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

हादसे के बाद से सेना और NDRF की टीमें लगातार डैम में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। पानी की गहराई और तेज बहाव के कारण रेस्क्यू में काफी मुश्किलें आ रही हैं।अब भी कुछ लोगों के लापता होने की आशंका है, जिसके चलते ऑपरेशन लगातार जारी है।

सवाल कई जबाव नहीं

स्थानीय प्रशासन और विशेषज्ञों के अनुसार हादसे के समय मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया हुआ था। इसके बावजूद क्रूज संचालन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।अब जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि क्या खराब मौसम में संचालन रोकने के लिए कोई प्रभावी निगरानी सिस्टम मौजूद था या नहीं।