इंदौर विश्वविद्यालय झाबुआ में नया मेडिकल कॉलेज खोलेगा
इंदौर की देवी अहिल्या विश्वविद्यालय झाबुआ में मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारी जोरो पर जारी है। इसके लिए यूनिवर्सिटी को जमीन भी अलॉट हो चुकी है। हालांकि जब तक कॉलेज की बिल्डिंग तैयार नहीं होती तब तक वहां के इंजीनियरिंग कॉलेज में ही मेडिकल कॉलेज चलाने के लिए यूनिवर्सिटी ने परमिशन मांगी है। बता दें कि इस पर जल्द जवाब आने की यूनिवर्सिटी प्रबंधन को उम्मीद है।
यूनिवर्सिटी का खुद का मेडिकल कॉलेज
मामले को लेकर कुलगुरु प्रोफेसर राकेश सिंघई का कहना है कि यूनिवर्सिटी की कार्यपरिषद में मेडिकल कॉलेज खोलने का फैसला लिया गया था। इसमें तय किया गया था कि झाबुआ में मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा। इसके लिए मध्यप्रदेश शासन ने हायर एजुकेशन विभाग के माध्यम से यूनिवर्सिटी को जमीन भी आवंटित कर दी है। बता दें कि झाबुआ डिस्टिक हॉस्पिटल है, उस हॉस्पिटल को, मध्यप्रदेश शासन ये निर्णय ले रहा है कि वह यूनिवर्सिटी को सौंप दिया जाएगा। जिससे हमारा जो शैक्षणिक अस्पताल है उसके रूप में वह जिला हॉस्पिटल काम कर सकेगा।
इंजीनियरिंग कॉलेज में मेडिकल कॉलेज
कुलगुरु प्रोफेसर राकेश सिंघई ने आगे कहा कि यह भी कोशिश की जा रही है कि वहां पर राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का इंजीनियरिंग कॉलेज है। यदि शासन उचित समझता है तो, यूनिवर्सिटी ने मांग की है कि जब तक नए परिसर में हमारा मेडिकल कॉलेज स्थापित नहीं हो जाता तब तक इंजीनियरिंग कॉलेज में मेडिकल कॉलेज चलाने की अनुमति दे दी जाए। इसके लिए नेशनल मेडिकल कांउसिल में यूनिवर्सिटी ने आवेदन भी कर दिया है।
उम्मीद है निर्णय आ सकता है
उन्होंने कहा कि 100 सीट के लिए 300 बैड का हॉस्पिटल होना जरूरी है। वहां हमें बताया है कि वहां 250 बैड का हॉस्पिटल है। कुल मिलाकर हमें 300 बैड का हॉस्पिटल मिल जाएगा। और कहा कि अस्पताल तो हमें मिल रहा है, इसलिए उसकी लागत नहीं है, लेकिन कॉलेज बनाने के लिए कम से कम 350 से 400 करोड़ रुपए की लागत इनिशयली आएगी। उम्मीद है कि इस महीने तक इसका कुछ निर्णय हो सकता है।