मध्य प्रदेश

इंदौर शुद्ध जल अभियान: दूषित पानी संकट के बाद प्रशासन की बड़ी पहल

इंदौर शुद्ध जल अभियान: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई स्वास्थ्य समस्या धीरे-धीरे गंभीर रूप ले रही है.  20 मौतों के बाद अब अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या तो घट रही है. लेकिन जिनकी हालत गंभीर है, उन्हें अभी भी गंभीर देखभाल की जरूरत है.45 मरीज अस्पताल में भर्ती  फिलहाल 45 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से 11 आईसीयू में हैं और 4 वेंटिलेटर पर,  ये मरीज किडनी, लिवर जैसी समस्याओं के साथ मल्टी ऑर्गन फेल्योर से जूझ रहे हैं। डॉक्टरों की विशेष टीम उनकी निगरानी में लगी हुई है.

इंदौर शुद्ध जल अभियान: प्रशासन की समीक्षा बैठक 

शुक्रवार को अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, कमिश्नर डॉ. सुदाम खाडे, कलेक्टर शिवम वर्मा और निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल की उपस्थिति में स्थिति की समीक्षा की गई। प्रशासन ने भागीरथपुरा के जल संकट को गंभीरता से लेते हुए 10 जनवरी से प्रदेशव्यापी शुद्ध जल अभियान शुरू करने की घोषणा की.

इंदौर शुद्ध जल अभियान पर प्रशासन की समीक्षा बैठक

सभी जल स्रोतों की जांच एवं त्वरित सुधार। व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम। मेन पाइपलाइन से जुड़े सरकारी बोरवेल सील करना। 13 जनवरी से ओवरहेड टैंकों के माध्यम से जल आपूर्ति फिर शुरू। जल शुद्ध पाए जाने के बावजूद उबालकर पानी पीने की सलाह। पूरे शहर के 105 ओवरहेड टैंकों पर वाटर एनालाइजर लगाना। रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल रूम का संचालन।

स्वास्थ्य विभाग की तैयारी

स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्र में ओआरए पैकेट्स और जिंक गोलियां वितरित की हैं। 24x7 चिकित्सकों की ड्यूटी लगी है। मरीजों को जरूरत पड़ने पर एमवाय चिकित्सालय, अरबिंदो अस्पताल और चाचा नेहरू अस्पताल में रेफर किया जा रहा है। निजी अस्पतालों में भी मुफ्त इलाज और दवा की व्यवस्था है। Also Read-Haunted places: इंदौर की रहस्यमयी और भूतिया जगहें: एक नजर