मध्य प्रदेश

Indian culture: उज्जैन में आज ग्लोबल स्पिरिचुअल कॉन्क्लेव: संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को मिलेगा वैश्विक मंच

Indian culture: मध्य प्रदेश के उज्जैन में आज ग्लोबल स्पिरिचुअल कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करना है। यह आयोजन भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से मध्यप्रदेश पर्यटन और पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) द्वारा होटल अंजुश्री में किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत करेंगे।

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Indian culture: प्रोत्साहित करने का एक प्रमुख अवसर होगा

इस कॉन्क्लेव में देश-विदेश से 300 से अधिक आध्यात्मिक गुरु, विचारक और अन्य गणमान्य व्यक्ति भाग ले रहे हैं। मुख्य वक्ता के रूप में प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु गौरांग दास शामिल होंगे। यह मंच आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और जिम्मेदार आतिथ्य को प्रोत्साहित करने का एक प्रमुख अवसर होगा।

Indian culture: 66 करोड़ श्रद्धालु शामिल हुए थे

कॉन्क्लेव के दौरान PHDCCI-KPMG द्वारा तैयार की गई आध्यात्मिक पर्यटन पर एक विशेष रिपोर्ट जारी की जाएगी, जो इस क्षेत्र के लिए भविष्य की दिशा तय करेगी। 'ज्योतिर्लिंग सर्किट' पर एक खास सत्र में भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों के महत्व और उनके संरक्षण पर चर्चा की जाएगी। साथ ही 'मंदिर अर्थव्यवस्थाएं' सत्र में यह समझा जाएगा कि कैसे प्रमुख मंदिर जैसे तिरुपति, वैष्णो देवी और काशी विश्वनाथ स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं में योगदान करते हैं। महाकुंभ 2025 को इसका उदाहरण रूप में प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें 66 करोड़ श्रद्धालु शामिल हुए थे।

Indian culture: सिंहस्थ कुंभ और शहरी विकास पर विचार होगा

उज्जैन की आध्यात्मिक महत्ता पर केंद्रित सत्र “महाकाल का मंडल: उज्जैन की आध्यात्मिक शक्ति और शहरी भविष्य” में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, सिंहस्थ कुंभ और शहरी विकास पर विचार होगा।

कॉन्क्लेव में आधुनिक तकनीक और आध्यात्मिकता के संगम पर भी चर्चा होगी। "मन, शरीर और आत्मा" सत्र में योग, आयुर्वेद और ध्यान के पर्यटन से संबंध को समझा जाएगा, जबकि "डिजिटल में दिव्य" सत्र में वर्चुअल दर्शन, एआई और वीआर के माध्यम से आध्यात्मिक अनुभवों को सुलभ बनाने पर चर्चा होगी।

कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों के श्री महाकालेश्वर और श्री काल भैरव मंदिरों के दर्शन के साथ किया जाएगा।