Haidergarh News: हैदरगढ़, उत्तर प्रदेश — क्या सरकारी योजनाओं के नाम पर भ्रष्टाचार की नाली बहाई जा रही है? हैदरगढ़ के ग्राम गुन्नौठा में 5 लाख रुपये की लागत से बन रही नाली को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि निर्माण में गुणवत्ता का पूरा ध्यान नहीं रखा जा रहा और सरकारी धन की खुलकर बर्बादी की जा रही है।
[caption id="attachment_89061" align="alignnone" width="300"]Haidergarh News: टिकाऊपन पर सवाल उठने लगे
ग्रामीणों के अनुसार, कमल साहू के घर से हैंडपंप तक बनाई जा रही इस नाली में मिट्टी मिली हुई काली रेत, दो साल पुराना और जंग लगा सरिया, तथा कम मात्रा में सीमेंट का प्रयोग किया जा रहा है। इन सामग्रियों की गुणवत्ता इतनी खराब है कि नाली की मजबूती और टिकाऊपन पर सवाल उठने लगे हैं।
Haidergarh News: कहीं जांच भी लीपापोती न बन जाए
ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत पंचायत सचिव देवेंद्र दांगी और इंजीनियर दिनेश दांगी से की, लेकिन उन्होंने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे नाराज़ होकर गांववासियों ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, ग्रामीणों को अब यह चिंता सता रही है कि कहीं जांच भी लीपापोती न बन जाए, जैसा कि अक्सर ऐसे मामलों में होता है।
Haidergarh News: गुणवत्ता पर भी गंभीर शंका बनी हुई
ग्रामीण कमल लोधी ने बताया कि पहले 2.5 इंच का पाइप लगाया जा रहा था, लेकिन शिकायत के बाद इंजीनियर ने 4 इंच का पाइप लगाने का निर्देश दिया। बावजूद इसके, जिन स्थानों पर पाइप लगाए गए हैं, उनकी गुणवत्ता पर भी गंभीर शंका बनी हुई है।
उनके पास कोई जवाब नहीं था
कमल लोधी ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत के बाद सचिव ने संतोषजनक काम दिखाने का फर्जी पंचनामा तैयार करवाने की कोशिश की, जिसे उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया। जब सचिव देवेंद्र दांगी से इस मुद्दे पर बातचीत की गई, तो उन्होंने यह स्वीकार किया कि काली रेत का इस्तेमाल हुआ है, लेकिन इसे सही ठहराते हुए कहा कि रेत को जमीन के नीचे लगाया गया है। जब उनसे पूछा गया कि क्या एस्टीमेट में ऐसा प्रावधान है, तो उनके पास कोई जवाब नहीं था।
कई 'विकास' योजनाएं दब चुकी
यह मामला सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार और लापरवाही की पोल खोलता है। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या प्रशासन निष्पक्ष जांच कराएगा या यह मामला भी फाइलों में दबा रह जाएगा, जैसे और कई 'विकास' योजनाएं दब चुकी हैं।