Cow Dung Scam in Madhya Pradesh: मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में एक अनोखा लेकिन चौंकाने वाला 'गोबर घोटाला' सामने आया है। यहां ग्राम पंचायत कुरावन की गौशाला से गोबर की नीलामी के बाद मिले हजारों रुपये न तो शासकीय खाते में जमा किए गए और न ही गौशाला के खाते में। घोटाले का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है।
Cow Dung Scam in Madhya Pradesh: क्या है पूरा मामला?
यह मामला गरोठ जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत कुरावन का है, जहां दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सटी गौशाला से गोबर को नीलाम किया गया था। सरपंच दीपक मालवीय पर आरोप है कि एक साल बीत जाने के बाद भी गोबर नीलामी से मिले लगभग 1.25 लाख 65,000 पिछले साल और 60,000 इस साल की राशि अब तक किसी आधिकारिक खाते में जमा नहीं की गई।
गोशाला प्रबंधन पर लगे आरोप
दरअसल, जिल के गरोठ जनपद की ग्राम पंचायत कुरावन में दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे से सटे गोशाले का है. गोशाला प्रबंधन पर गोबर नीलामी में मिले पैसों के घोटाले के आरोप लगे है. सरपंच दीपक मालवीय पर आरोप है कि ग्राम पंचायत द्वारा संचालित गोशाला के गोबर की नीलामी के पैसे एक साल बाद भी गोशाला के अकाउंट में नहीं डाले गए है.
सरपंच की सफाई
घोटाले के आरोपों पर कुरावन सरपंच दीपक मालवीय ने कहा कि जनसहयोग से गोशाला का संचालन अच्छा किया जा रहा है. उनका कहना है कि नीलाम किए गए गोबर की राशि का पूरा पैसा अभी प्राप्त नहीं हुआ है और जो मिला है उसे खाते में जमा करने की बजाय उस राशि से गोशाला के कार्य करवाए गए है, जिसका पूरा हिसाब पंचायत के पास है.
गोबर घोटाले की जांच जारी
गोशाला में कथित घोटाले पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला पंचायत गरोठ के सीईओ धर्मेंद्र यादव के अनुसार पिछले वर्ष के गोबर नीलामी के 65 हजार और इस साल के 60 हजार अब तक खाते में जमा नहीं किए गए है. उन्होंन मामले की जांच कर मामले में दोषी पाए आरोपियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई करने की बात कही है.
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