इंदौर के बाद अब भोपाल की बारी! हजारो लोग पी रहे राजधानी में गंदा पानी
After Indore now it is Bhopal turn: क्या इंदौर के बाद अब भोपाल की बारी है... क्योकी भोपाल की जनता भी सालों से गंदा पानी पी रही है.. दरहसल भोपाल के खानूगांव, आदमपुर छावनी और वाजपेयी नगर का ग्राउंड वाटर दूषित निकला है. यहां से लिए गए 4 सैंपल फेल हो गए हैं.
[caption id="attachment_127065" align="alignnone" width="551"]अबतक 20 जानें जा चुकी
इस पानी में 'ई-कोलाई' बैक्टीरिया मिला है. और यही बैक्टीरिया इंदौर के भागीरथपुरा के लोगों की मौत की वजह है. जिसके चलते अबतक 20 जानें जा चुकी हैं.
हालांकि इसको लेकर भोपाल नगर निगम के अफसर कर रहे हैं कि.. ये सप्लाई का नहीं बल्कि ग्राउंड वाटर है. इसके इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है.
After Indore now it is Bhopal turn:लेकिन अभी भी खानूगांव में करीब 2 हजार लोग गंदा पानी पी रहे हैं.
[caption id="attachment_127066" align="alignnone" width="300"]बता दें की खानूगांव वार्ड की पार्षद रेहाना सुल्तान हैं. और पार्षद प्रतिनिधि मो. जहीर ने खुद कुएं में सीवेज जाते हुए वीडियो बनाया था.
वहीं, कांग्रेस विधायक अकील ने भी नगर निगम के इंजीनियरों को आड़े हाथों लेते हुए जमकर फटकार लगाई थी.
2000 लोगों को पानी पहुंचाया जा रहा
जहीर ने बताया कि खानूगांव क्षेत्र में कई दिनों से सीवेज का पानी कुएं में जा रहा है. और वहीं से 2000 लोगों को पानी पहुंचाया जा रहा है.
इसकी लिखित तौर पर 15 दिन पहले शिकायत की गई, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया. इस कारण लोग दूषित पानी पीने को मजबूर है.
After Indore now it is Bhopal turn:वाटर सप्लाई नहीं किया जा रहा
[caption id="attachment_127067" align="alignnone" width="531"]इस मामले को लेकर नगर निगम अफसरों का कहना है कि.. आदमपुर छावनी, बाजपेई नगर और खानूगांव क्षेत्र में भूजल आधारित जल स्त्रोतों से वाटर सप्लाई नहीं किया जा रहा है.
बता दें की बुधवार को कुल 250 वाटर सैंपल का परीक्षण किया गया. इनमें से 4 नमूनों में बैक्टीरिया मिला है.
आदमपुर में कचरे का पहाड़
[caption id="attachment_127068" align="alignnone" width="531"]दरहसल आदमपुर कचरा खंती के एक किमी दायरे के 5 गांव हैं. और यहां के 4 हजार से ज्यादा लोग शुद्ध हवा और पानी को तरस रहे हैं.
22 वार्ड डेंजर जोन में
अब तक हुई पड़ताल में सामने आया है कि भोपाल के करीब 22 वार्ड ऐसे हैं, जहां 400 किलोमीटर लंबी पानी की पाइप लाइन सीवेज के साथ ही बिछी हुई है.
बताया जाता है कि यह लोहे की पाइप लाइन अपनी उम्र पूरी कर चुकी है। इस कारण सबसे ज्यादा लीकेज यहीं होते हैं.
शहर के 2.71 लाख नल कनेक्शन में से करीब 75 हजार नल कनेक्शन की लाइन बदलने की जरूरत है.
पानी सप्लाई 85% इलाकों में होती
[caption id="attachment_127070" align="alignnone" width="300"]बता दें की शहर में अभी पानी सप्लाई 85% इलाकों में होती है. यह सभी वैध कॉलोनियां हैं.
नगर निगम अवैध कॉलोनियों में पानी की सप्लाई नहीं करता है. अभी कुल 2.71 लाख कनेक्शन हैं, जो बढ़कर 3.10 लाख हो जाएंगे. इससे हर दिन 514 मिलियन लीटर पानी सप्लाई हो सकेगा.