सावन महीने के व्रत के दौरान विविध और पौष्टिक भोजन

सावन व्रत में रोज बनाएं नई फलाहारी डिश,देखें 10 आसान रेसिपी

शुभ योग के साथ सावन महीने की शुरुआत हो चुकी है, जो महाकाल और उनके भक्तों के लिए बेहद खास माना जाता है।सावन का महीना भगवान शिव की आराधना, व्रत और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। इस पूरे महीने कई श्रद्धालु सोमवार व्रत के साथ-साथ नियमित उपवास भी रखते हैं। ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती होती है कि हर दिन फलाहार में क्या नया बनाया जाए, जो स्वादिष्ट होने के साथ पौष्टिक भी हो। अक्सर लोग व्रत में सिर्फ आलू, साबूदाना या फल खाकर काम चला लेते हैं, लेकिन लगातार एक जैसा भोजन करने से स्वाद के साथ शरीर को मिलने वाला पोषण भी सीमित हो सकता है।

सावन की व्रत में साबूदाना खिचड़ी, सामक चावल पुलाव, मखाना कीर, कुट्टू का चीला, शकरकंद चाट, साबूदाना वडा, सिंघाड़े की पूरी, व्रत वाले दही आलू, फ्रूट योगर्ट बाउल और नारियल-ड्राई फ्रूट लड्डू जैसे फलाहारी व्यंजन खाए जा सकते हैं। ये डिश स्वादिष्ट होने के साथ ऊर्जा और पोषण भी प्रदान करती हैं। अगर आप भी सावन के व्रत में हेल्दी और टेस्टी फलाहारी भोजन की तलाश कर रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए बेहद उपयोगी है। यहां हम 10 ऐसी फलाहारी डिश लेकर आए हैं जिन्हें आप अलग-अलग दिनों में आसानी से बना सकते हैं।

आइए जानते हैं सावन व्रत के लिए 10 हेल्दी और स्वादिष्ट फलाहारी डिश, जिन्हें आप पूरे महीने बारी-बारी से बना सकते हैं।

साबूदाना खिचड़ी  

यह व्रत की सबसे लोकप्रिय डिश है। इसे बनाने के लिए साबूदाना, मूंगफली, उबले आलू, हरी मिर्च और सेंधा नमक चाहिए। इन सामग्री से फलाहारी खिचड़ी बनाएं, जो कि हल्की, स्वादिष्ट और लंबे समय तक ऊर्जा देने वाली डिश है। इसे दही के साथ परोसने से स्वाद और बढ़ जाता है।

सामक चावल का पुलाव

आप व्रत में सामक चावल खा सकते हैं। सामक के चावल में मूंगफली, जीरा, हरी मिर्च और उबले आलू मिलाकर तैयार पुलाव व्रत के लिए बेहतरीन विकल्प है। यह जल्दी बनता है और पचाने में भी हल्का होता है।

मखाना खीर

उपवास में एनर्जी बनाए रखने के लिए मखाने की खीर का सेवन कर सकते हैं। इसे बनाने के लिए भुने मखाने, दूध, इलायची और सूखे मेवों का इस्तेमाल किया जाता है। इस सभी को मिलाकर साथ में पकाएं और मखाने की स्वादिष्ट खीर तैयार करें। मखाने की खीर कैल्शियम और प्रोटीन का अच्छा स्रोत मानी जाती है।

कुट्टू के आटे का चीला

कुट्टू के आटे से बनी डिश भी व्रत में खाई जा सकती है। चीला बनाने के लिए कुट्टू के आटे में उबला आलू, हरी मिर्च और धनिया मिलाकर बैटर तैयार करें। इसे तवा पर घी लगाकर फैलाएं और दोनों तरफ से सेंक लें। चीला कुरकुरा और भरपेट भोजन का अच्छा विकल्प है। इसे व्रत वाली हरी चटनी या दही के साथ खाया जा सकता है।

शकरकंद चाट

ये फलाहारी डिश लंबे समय तक पेट को भरा रखती है, साथ ही ऊर्जा प्रदान करती है। इसे बनाने के लिए शकरकंद, सेंधा नमक, काली मिर्च और जीरा चाहिए। उबले शकरकंद में सेंधा नमक, काली मिर्च, भुना जीरा और नींबू का रस मिलाकर चाट तैयार करें। इस तरह की चाट स्वाद और पोषण का बेहतरीन मेल है।

साबूदाना वडा

साबूदाना वड़ा बाहर से कुरकुरा और अंदर से मुलायम होता है। यह शाम के नाश्ते के लिए शानदार विकल्प है। इसमें भीगे हुए साबूदाना में मैश आलू, सेंधा नमक और व्रत वाले मसाले मिलाएं। फिर इनके वड़े बनाकर घी में तलें।

सिंघाड़े के आटे की पूरी

सिंघाड़े के आटे की पूड़िया भी व्रत में खा सकते हैं। इसे बनाने के लिए सिंघाड़े के आटे में थोड़ा सा आलू मैश करके आटे को गूंथ लें। छोटी लोई बनाकर पूड़ी बेलें और घी में सेंके। दही या आलू की व्रत वाली सब्जी के साथ इसका स्वाद बेहद लाजवाब लगता है।

व्रत वाली दही आलू

उबले आलू में दही मिलाकर स्वादिष्ट फलाहारी डिश बना सकते हैं। इसमें सेंधा नमक, जीरा और हरी मिर्च का तड़का लगाएं। यह डिश पूरी या कुट्टू की रोटी के साथ अच्छी लगती है।

फ्रूट योगर्ट बाउल

दही में केला, सेब, अनार, कीवी और थोड़े ड्राई फ्रूट्स मिलाकर तैयार यह हेल्दी विकल्प सुबह के फलाहार के लिए उपयुक्त है।

नारियल और ड्राई फ्रूट लड्डू

बिना ज्यादा मेहनत के तैयार होने वाले ये लड्डू स्वादिष्ट होने के साथ तुरंत ऊर्जा देने में मदद करते हैं।

व्रत में हेल्दी रहने के लिए जरूरी टिप्स   पर्याप्त मात्रा में पानी और नारियल पानी पिएं। मौसमी फल और दही को फलाहार में शामिल करें। तली हुई चीजों का सेवन सीमित रखें। सेंधा नमक का संतुलित उपयोग करें। सूखे मेवों का सीमित मात्रा में सेवन करें ताकि ऊर्जा बनी रहे।