गले लगाना न केवल तनाव कम करता है, बल्कि ऑक्सीटोसिन

डिप्रेशन और हाई BP होने पर बस कर लें काम, मिलेगा Relief

डिप्रेशन और हाई BP होने पर बस कर लें काम, मिलेगा Relief

Do These Things For Releaf Depression: आज की भागदौड़ और मंहगाई भरी जिंदगी से हर कोई परेशान और दुखी रहते है। कई बार ये सभी चिंताओं से लोग अकेले डील कर रहे होते हैं। कोई सुनने वाला नहीं होता, कोई बात करने वाला नहीं होता। फिर अकेलापन महसूस होता है। इससे धीरे-धीरे लोग डिप्रेशन में जाने लगते हैं। लेकिन क्या आपको पता सिर्फ एक करने से डिप्रेशन कम हो सकता है। वो क्या है आइए जानते है।

ये एक थैरपी से डिप्रेशन होगा कम

एक्सपर्ट के मुताबिक, गले लगाना यह इंसान की सबसे इमोशनल रिएक्शन होते है, जिससे हम सेफ्टी, प्यार, सहयोग, और विश्वास की भावना को दर्शाता है। जब हम किसी को गले लगाते हैं, तो केवल भावनाएं ही नहीं जुड़तीं, बल्कि शरीर के अंदर भी जैविक परिवर्तन होते हैं। 

वैज्ञानिक क्या कहते हैं?

सूत्रो के अनुसार, University of North Carolina की एक स्टडी में पाया गया कि जो लोग रोजाना 20 सेकंड तक गले मिलते हैं, उनमें तनाव से जुड़े हार्मोन कोर्टिसोल का स्तर कम होता है और ऑक्सीटोसिन (Oxytocin) का स्तर बढ़ता है। ऑक्सीटोसिन को 'लव हॉर्मोन' या 'फील गुड हॉर्मोन' कहा जाता है, जो खुशी, विश्वास और आत्मीयता को बढ़ाता है।

मानसिक तनाव में राहत 

1. गले लगाने से शरीर में ऑक्सीटोसिन का स्तर बढ़ता है, जो कोर्टिसोल को घटाता है। इससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है और मन शांत होता है। 

2. एंग्जाइटी और डिप्रेशन में मददगार- जब कोई हमें गले लगाता है, तो हमारा नर्वस सिस्टम एक्टिवेट होता है, जिससे मानसिक दबाव कम होता है और भावनात्मक सुरक्षा का एहसास होता है।

3. अकेलेपन को करता है दूर- अकेलापन आज की दुनिया की बड़ी समस्याओं में से एक है। गले लगाने जैसा छोटा सा स्पर्श व्यक्ति को ‘belongingness’ की भावना देता है और emotional isolation को खत्म करता है।   रिश्तों में विश्वास और प्रेम का प्रतीक

गले लगाना केवल तनाव ही कम नहीं करता है,  यह रिश्तों को भी मजबूत करता है। यह बताता है कि आप सामने वाले के लिए संवेदनशील और केयरिंग हैं।

माता-पिता और बच्चों के बीच, दोस्तों, पार्टनर या जीवनसाथी – सभी के बीच गले लगाना इमोशनल कनेक्टिविटी को गहरा करता है। जर्मनी में हुई एक रिसर्च में यह सामने आया कि जो कपल रोजाना एक-दूसरे को गले लगाते हैं, उनकी रिलेशनशिप ज्यादा मजबूत और तनावमुक्त होती है। 

बच्चों के लिए क्यों जरूरी है स्पर्श?

रिपोर्ट के अनुसार, बच्चों के मानसिक विकास में टच यानी स्पर्श की अहम भूमिका होती है। जन्म के बाद यदि शिशु को मां का गले लगाना, छूना, सहलाना नहीं मिले तो उसके इमोशंस और मानसिक विकास में बाधा आ सकती है। 

WHO और UNICEF भी कंगारू मदर केयर (Kangaroo Mother Care) जैसी तकनीकों की सिफारिश करते हैं, जिसमें शिशु को मां की छाती से लगाकर रखा जाता है ताकि वह सुरक्षित महसूस करे।

थेरेप्यूटिक हगिंग

आज कई मनोचिकित्सक और काउंसलर "थेरेप्यूटिक हगिंग" को डिप्रेशन और एंग्जाइटी के इलाज में शामिल कर रहे हैं। इसके अंतर्गत रोगी को संवेदनशील स्पर्श से आत्मीयता और सुरक्षा का अनुभव कराया जाता है। जापान और अमेरिका में यह अब एक मान्य होलिस्टिक थेरेपी बन चुकी है।

NOTE- The information given has been taken from different websites, please take expert advice before adopting the information given.