चिया सीड्स में फाइबर, प्रोटीन, ओमेगा-3 और विटामिन्

चिया सीड्स से बनाएं हेल्दी ब्रेकफास्ट, दिनभर मिलेगी भरपूर एनर्जी और पोषण

आजकल हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वाले लोगों के बीच चिया सीड्स तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। आकार में छोटे दिखने वाले ये बीज पोषण का बड़ा खजाना माने जाते हैं। इनमें फाइबर, प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन, फॉस्फोरस और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यही वजह है कि इन्हें सुपरफूड की श्रेणी में रखा जाता है। अगर आप अपने दिन की शुरुआत पौष्टिक नाश्ते से करना चाहते हैं, तो चिया सीड्स को डाइट में शामिल करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

चिया सीड्स से कई तरह के हेल्दी ब्रेकफास्ट आसानी से तैयार किए जा सकते हैं। सबसे लोकप्रिय विकल्प है चिया सीड्स पुडिंग। इसके लिए 2 चम्मच चिया सीड्स को दूध या दही में मिलाकर रातभर भिगो दें। सुबह इसमें मौसमी फल और ड्राई फ्रूट्स मिलाकर खाएं। यह लंबे समय तक पेट भरा रखने और शरीर को ऊर्जा देने में मदद करता है।

स्वादिष्ट और पोषक स्मूदी तैयार करें

दूसरा विकल्प चिया सीड्स ओट्स है। पके हुए ओट्स में भीगे हुए चिया सीड्स, केले, सेब या बेरीज और कुछ मेवे मिलाकर पौष्टिक नाश्ता तैयार किया जा सकता है। वहीं चिया सीड्स स्मूदी भी एक बेहतरीन विकल्प है। दूध या दही में अपनी पसंद का फल ब्लेंड करें और उसमें भीगे हुए चिया सीड्स मिलाकर स्वादिष्ट और पोषक स्मूदी तैयार करें।

शुरुआत में कम मात्रा लें

इसके अलावा चिया सीड्स योगर्ट बाउल भी हेल्दी ब्रेकफास्ट के लिए उपयुक्त है। दही में चिया सीड्स, ताजे फल, ड्राई फ्रूट्स और अन्य बीज मिलाकर तैयार किया गया यह नाश्ता प्रोटीन, कैल्शियम और फाइबर से भरपूर होता है।

हालांकि, चिया सीड्स का सेवन हमेशा पर्याप्त पानी, दूध या दही में भिगोकर करना चाहिए। शुरुआत में कम मात्रा लें और धीरे-धीरे सेवन बढ़ाएं। अधिक मात्रा में खाने से गैस, पेट फूलना या पाचन संबंधी दिक्कत हो सकती है। दिनभर पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है क्योंकि इसमें फाइबर अधिक होता है।

इसका सेवन करना बेहतर माना जाता है

जिन लोगों को बीजों से एलर्जी है, ब्लड थिनर दवाएं लेते हैं, लो ब्लड प्रेशर या गंभीर पाचन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं, उन्हें चिया सीड्स को नियमित आहार में शामिल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए भी विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही इसका सेवन करना बेहतर माना जाता है।