हिमाचल में EVM पर सियासी घमासान तेज: सीएम सुक्खू के बाद उद्योग मंत्री चौहान ने निष्पक्ष चुनावों पर उठाए सवाल
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर चुनावी पारदर्शिता को लेकर बहस छिड़ गई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के बाद के दो दिन बाद अब बुधवार को उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने भी ईवीएम के जरिए हो रहे चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठाकर सियासी हलचल बढ़ा दी है।
EVM को लेकर उठे सवाल
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि देश में ईवीएम के माध्यम से कराए जा रहे चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और अन्य केंद्रीय एजेंसियां केंद्र सरकार के दबाव में काम कर रही हैं।
चौहान ने यह भी दावा किया कि कई देश, जहां पहले ईवीएम का उपयोग होता था, अब फिर से बैलेट पेपर की ओर लौट चुके हैं, जिससे चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर बहस तेज हो गई है।
ममता बनर्जी पर भी की टिप्पणी
चौहान ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफा न देने के फैसले को गलत बताया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान होना चाहिए और यदि कोई चुनाव हारता है, तो उसे पद छोड़ देना चाहिए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है।
नगर निगम चुनाव पर भरोसा
सोलन नगर निगम चुनाव को लेकर चौहान ने कांग्रेस की स्थिति मजबूत बताई। उन्होंने कहा कि पार्टी ने इस बार ऐसे उम्मीदवारों को टिकट दिया है, जिनकी जीत की संभावना अधिक है। उन्होंने यह भी दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी के भीतर ज्यादा असंतोष और बगावत देखने को मिल रही है, जिसका फायदा कांग्रेस को मिल सकता है। गौरतलब है कि चौहान को कांग्रेस ने सोलन नगर निगम चुनाव के लिए प्रभारी नियुक्त किया है।
भराड़ी क्षेत्र के पास मिले धमकी भरे पोस्टरों पर मंत्री ने कहा कि इस तरह की घटनाएं शरारती तत्वों की करतूत होती हैं। उन्होंने पुलिस को मामले की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए हैं।