हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के लिए कांग्रेस ने

CM सुक्खू के गढ़ में कांग्रेस की एंट्री, जिला परिषद की 4 सीटों पर दिलचस्प मुकाबले के आसार

CM सुक्खू के गढ़ में कांग्रेस की एंट्री, जिला परिषद की 4 सीटों पर दिलचस्प मुकाबले के आसार

हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर सियासी माहौल गरमाने लगा है। वीरवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। भाजपा के बाद अब कांग्रेस ने भी गुरुवार को जिला परिषद चुनाव के लिए अपने समर्थित प्रत्याशियों की घोषणा कर चुनावी मैदान में उतरने का संकेत दे दिया है।

CM सुक्खू के क्षेत्र में बदला रुख

पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के विधानसभा क्षेत्र नादौन में कांग्रेस प्रत्याशी न उतारने की चर्चा थी, लेकिन अब पार्टी ने रणनीति बदलते हुए यहां भी अपने समर्थित उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। इस फैसले के बाद क्षेत्र में चुनावी मुकाबला और अधिक रोचक होने की संभावना जताई जा रही है।

कांग्रेस का चुनावी चिन्ह

ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष ने जारी की सूची

नादौन विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली चार जिला परिषद वार्डों के लिए कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों के नाम ब्लॉक कांग्रेस कमेटी नादौन के अध्यक्ष कैप्टन पृथ्वी चंद ने आधिकारिक रूप से घोषित किए। सूची जारी होते ही क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं।

चार वार्डों में उतारे गए उम्मीदवार

घोषित सूची के अनुसार, लड़हा वार्ड-16 से अंजना कुमारी भारती को उम्मीदवार बनाया गया है, जो कश्मीर गांव की निवासी हैं। मालग वार्ड-17 से कंचन धीमान को टिकट दिया गया है, जो धनेटा क्षेत्र से संबंधित हैं। वहीं अमलैहड़ वार्ड-18 से रविंद्र कुमार गद्दी को मैदान में उतारा गया है, जो जंगलू गांव के रहने वाले हैं। इसके अलावा सपड़ोह वार्ड-19 से सीमा चौधरी को प्रत्याशी बनाया गया है, जो फस्टे पंचायत के चढूंह गांव की निवासी हैं।

कांग्रेस का दावा- मजबूत पकड़, मिलेगा जनसमर्थन

उम्मीदवारों की तस्वीर

ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन पृथ्वी चंद ने कहा कि प्रत्याशियों के चयन के बाद संगठन पूरी मजबूती के साथ चुनावी मैदान में उतर चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला परिषद चुनाव पार्टी चिह्न पर नहीं लड़े जाते, इसलिए मतदाताओं से अपील है कि वे विकास को ध्यान में रखते हुए योग्य उम्मीदवारों का चयन करें।

उन्होंने यह भी दावा किया कि सभी घोषित प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूत जनाधार रखते हैं और लंबे समय से जनता के बीच सक्रिय हैं। पार्टी को उम्मीद है कि इन उम्मीदवारों को व्यापक जनसमर्थन मिलेगा।