सैनी सरकार का बड़ा तोहफा: 59 लाख लोगों के खातों में 2115 करोड़ रुपये हुए ट्रांसफर
हरियाणा में शुक्रवार का दिन लाखों लोगों के लिए राहत और खुशखबरी लेकर आया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक साथ 24 कल्याणकारी योजनाओं के तहत करीब 59 लाख लाभार्थियों के खातों में 2115.41 करोड़ रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर कर दी। इस पहल ने महिलाओं, किसानों, बुजुर्गों और छात्रों को आर्थिक संबल प्रदान किया है।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मिला बड़ा सहारा
राज्य सरकार द्वारा जारी राशि में सबसे बड़ा हिस्सा सामाजिक सुरक्षा पेंशन का रहा। 35.62 लाख लाभार्थियों को 1146.73 करोड़ रुपये की पेंशन सीधे उनके खातों में भेजी गई।
वहीं, ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ की सातवीं किस्त के तहत 9.76 लाख महिलाओं को 205 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी गई। इसके अलावा ‘दयालु योजना’ के अंतर्गत 5677 परिवारों को 215.29 करोड़ रुपये का आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया।
छात्रों और किसानों को भी बड़ी राहत
अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के 64,923 छात्रों को छात्रवृत्ति के रूप में 100.45 करोड़ रुपये सीधे केंद्रीय पोर्टल के माध्यम से ट्रांसफर किए गए। इससे पहले भुगतान प्रक्रिया में देरी और तकनीकी बाधाएं सामने आती थीं, जिन्हें अब दूर कर दिया गया है।
किसानों के लिए भी सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 1.50 लाख से अधिक किसानों को 370.52 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया है। यह राशि खरीफ 2025 की फसल खराब होने पर राहत के तौर पर जारी की गई है। भिवानी और हिसार जिलों के हजारों किसानों को इसका सीधा लाभ मिला।
सब्सिडी और फसल नुकसान की भरपाई
सरकार ने 11.23 लाख महिलाओं को गैस सिलिंडर सब्सिडी के रूप में 38.54 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को 500 रुपये में गैस सिलिंडर उपलब्ध कराया जा रहा है।
वहीं, भावांतर भरपाई योजना के तहत सब्जी उत्पादक 5296 किसानों को 38.88 करोड़ रुपये की सहायता दी गई। यह राशि पांच जिलों के किसानों को उनकी फसल खराब होने के कारण दी गई है।
‘प्रो-एक्टिव मॉडल’ से बदली व्यवस्था
मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि सरकार ने ‘प्रो-एक्टिव मॉडल’ अपनाते हुए परिवार पहचान पत्र के आधार पर पात्रता तय की है। इससे लोगों को बिना आवेदन और बिना सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाए सीधे लाभ मिल रहा है। अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 11.5 वर्षों में किसानों को फसल मुआवजा और बीमा क्लेम के रूप में 16,530 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। उन्होंने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस शासन में किसानों को पर्याप्त सहायता नहीं मिल पाई थी।