Banaskantha heavy rainfall: गुजरात के बनासकांठा जिले में हाल ही में हुई भारी बारिश ने किसानों के लिए संकट खड़ा कर दिया है। धानेरा, दांतीवाड़ा, डीसा, पालनपुर और वडगाम जैसे क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है, जिससे मूंगफली, बाजरा और अन्य फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। स्थानीय किसानों का अनुमान है कि इस प्राकृतिक आपदा से करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। खेतों में जलभराव ने फसलों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया, जिससे किसानों की आजीविका पर गहरा असर पड़ा है। इस स्थिति ने क्षेत्र में चिंता की लहर दौड़ा दी है, क्योंकि खेती इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।
फसलों को भारी नुकसान
धानेरा के विधायक मावजी देसाई ने इस संकट को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री और जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर किसानों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराने और उचित मुआवजा प्रदान करने की अपील की है। देसाई ने अपने पत्र में जोर दिया कि भारी बारिश के कारण किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है, और उनकी आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए शीघ्र सहायता आवश्यक है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि प्रभावित किसानों को न केवल मुआवजा दिया जाए, बल्कि भविष्य में ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए ठोस कदम भी उठाए जाएं।
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फसलों को भारी नुकसान[/caption]
Banaskantha heavy rainfall: मुआवजे की मांग
बनासकांठा के धानेरा, दांतीवाड़ा, डीसा, पालनपुर और वडगाम में बारिश का कहर सबसे अधिक देखा गया। इन क्षेत्रों में 24 घंटों में 75 से 200 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की गई, जिससे खेत तालाब बन गए। मूंगफली और बाजरा, जो इस क्षेत्र की प्रमुख फसलें हैं, पानी में डूबने से पूरी तरह नष्ट हो गईं। कई किसानों ने बताया कि उनकी फसलें तैयार होने की कगार पर थीं, लेकिन बारिश ने सब कुछ तबाह कर दिया। इस नुकसान ने न केवल उनकी आय को प्रभावित किया है, बल्कि कर्ज और अन्य आर्थिक बोझ को भी बढ़ा दिया है।
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मुआवजे की मांग[/caption]
सरकार से अपेक्षाएं और भविष्य के कदम
विधायक मावजी देसाई ने अपने पत्र में सरकार से तत्काल सर्वेक्षण शुरू करने और प्रभावित किसानों को मुआवजा प्रदान करने की मांग की है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि भविष्य में ऐसी आपदाओं से बचने के लिए बेहतर जल निकासी व्यवस्था और बाढ़ प्रबंधन योजनाओं पर काम किया जाए। इसके अलावा, उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पंजीकृत किसानों को शीघ्र राहत प्रदान करने की मांग की। देसाई ने जोर देकर कहा कि किसान समाज की रीढ़ हैं, और उनकी मदद के बिना क्षेत्र की अर्थव्यवस्था स्थिर नहीं रह सकती। सरकार से अपेक्षा है कि वह इस संकट में किसानों के साथ खड़ी हो और उनकी आजीविका को बचाने के लिए ठोस कदम उठाए।
ललित दरजी की रिपोर्ट