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अहमदाबाद विमान हादसा: मृतकों की संख्या 275, 6 शवों की हुई पहचान..100 ताबूतों का दिया ऑर्डर

Ahmedabad Plane Crash Update: 12 जून 2025 को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन के गैटविक हवाई अड्डे के लिए उड़ान भरने वाला एयर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर (फ्लाइट AI171) टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद मेहगनी क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में अब तक 275 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिसमें 242 यात्री और चालक दल के सदस्य शामिल हैं, साथ ही बी.जे. मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर में मौजूद लोग भी मारे गए। 

मृतकों की पहचान 

अहमदाबाद सिविल अस्पताल के डिप्टी सिविल सुपरिटेंडेंट रजनीश पटेल ने 14 जून 2025 को बताया कि अब तक 248 शवों के DNA सैंपलों का क्रॉस वेरिफिकेशन किया जा चुका है, जिसमें से 6 शवों की पहचान DNA मिलान के आधार पर हो चुकी है। इसके अलावा, 8 शवों को बिना DNA प्रोफाइलिंग के उनके परिजनों द्वारा पहचान लिया गया और उन्हें सौंप दिया गया। शवों की स्थिति इतनी खराब है कि पहचान के लिए DNA टेस्टिंग पर निर्भरता बढ़ गई है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि 270 से अधिक शव अस्पताल लाए गए हैं, और परिजनों को शव सौंपने की प्रक्रिया में देरी से परिवारों में निराशा बढ़ रही है। https://youtube.com/shorts/uxJoHFaGM90?si=ypULeTSR9DrwbkUv

Ahmedabad Plane Crash Update: ताबूतों का ऑर्डर 

हादसे की गंभीरता को देखते हुए मृतकों के शवों को रखने के लिए 100 ताबूतों का ऑर्डर दिया गया है। बड़ोदरा के एक शख्स ने बताया कि एयर इंडिया के मैनेजर ने फोन कर ताबूतों की व्यवस्था करने को कहा। इस बीच, आपातकालीन सेवाओं ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बचाव कार्य शुरू किया। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), पुलिस, और दमकल विभाग ने मेहगनी क्षेत्र में राहत कार्य चलाया। हादसे के बाद अहमदाबाद हवाई अड्डे पर उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई थीं, जो अब धीरे-धीरे बहाल हो रही हैं। Read More: सब जलकर हुआ खाक, सुरक्षित मिली भगवत गीता, विमान हादसे में चमत्कार

ब्लैक बॉक्स अपडेट

नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया कि दुर्घटना स्थल से एक ब्लैक बॉक्स (फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर) बरामद कर लिया गया है, जो जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। दूसरा ब्लैक बॉक्स अभी तक नहीं मिला है। ब्लैक बॉक्स को विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) को सौंप दिया गया है, और इसकी डिकोडिंग से दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में मदद मिलेगी। नायडू ने कहा कि जांच रिपोर्ट तीन महीने में आने की उम्मीद है। इसके अलावा, केंद्र सरकार ने हादसे के कारणों की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय बहु-विषयक समिति गठित की है, जो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) की समीक्षा करेगी। https://youtube.com/shorts/mnlRmfvKvbM?si=krEgov49Y2jiS8R_