Stock Market Rally: चुनावी नतीजों का असर ,सेंसेक्स 800 अंक उछला, निफ्टी 24000 के पार
देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के नतीजे आने शुरू होते ही शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। सोमवार सुबह बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने तेज उछाल के साथ कारोबार शुरू किया, जिससे निवेशकों में उत्साह साफ नजर आया।शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 800 अंक से ज्यादा उछल गया, जबकि निफ्टी 24000 के पार पहुंच गया। चुनावी रुझानों के साथ बाजार की चाल लगातार बदलती दिख रही है, जो यह संकेत दे रही है कि राजनीतिक स्थिरता का सीधा असर निवेशकों के भरोसे पर पड़ रहा है।
सेंसेक्स-निफ्टी में तूफानी शुरुआत
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स पिछले बंद 76,913 के मुकाबले बढ़त के साथ 77,257 पर खुला। कुछ ही मिनटों में यह करीब 830 अंक की तेजी लेकर 77,746 के स्तर तक पहुंच गया।वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी जोरदार उछाल के साथ 24,000 के पार खुला और तेजी जारी रखते हुए 24,245 के स्तर तक पहुंच गया। यह तेजी चुनावी नतीजों से जुड़े सकारात्मक संकेतों के कारण मानी जा रही है।
इन दिग्गज शेयरों ने दिखाई ताकत
बाजार की इस तेजी में कई बड़ी कंपनियों के शेयरों ने अहम भूमिका निभाई।
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मारुति के शेयर में करीब 4% की तेजी
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हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) में लगभग 3.9% उछाल
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एलएंडटी (L&T) में 2.5% की बढ़त
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एशियन पेंट्स में 2.4% तेजी
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अदाणी पोर्ट्स में 2.3% का उछाल
इसके अलावा बैंकिंग सेक्टर भी मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा।
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एक्सिस बैंक में 1.8% की तेजी
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एचडीएफसी बैंक में 1.6% उछाल
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एसबीआई में 1.3% की बढ़त
चुनावी नतीजों से क्यों जुड़ा बाजार का मूड?
विशेषज्ञों के अनुसार, शेयर बाजार राजनीतिक स्थिरता और नीतिगत निरंतरता को पसंद करता है। जैसे-जैसे चुनावी रुझान स्पष्ट होते हैं, निवेशकों का भरोसा बढ़ता है और बाजार में तेजी देखने को मिलती है।इस बार पांच राज्यों के चुनाव को 2029 लोकसभा चुनाव से पहले बड़ा संकेत माना जा रहा है। ऐसे में हर रुझान का असर बाजार पर तुरंत दिख रहा है।
आम निवेशकों के लिए क्या संकेत?
शेयर बाजार की यह तेजी आम निवेशकों के लिए भी अहम है। तेजी का मतलब है निवेशकों का बढ़ता भरोसा, मजबूत बाजार से SIP और लॉन्ग टर्म निवेश को फायदा, लेकिन उतार-चढ़ाव का जोखिम अभी भी बना रहेगा. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि केवल रुझानों के आधार पर जल्दबाजी में निवेश से बचें और दीर्घकालिक रणनीति पर ध्यान दें।