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सोने और चांदी की कीमतों में बदलाव: सोना ₹1,104 सस्ता, चांदी ₹1.64 लाख पर पहुंची

सोना ₹1,104 सस्ता हुआ, चांदी ₹1.64 लाख पर पहुंची: क्या है कारण?

नई दिल्ली, 10 अक्टूबर 2025:सोने की कीमत में शुक्रवार को ₹1,104 की गिरावट आई और यह ₹1,21,525 प्रति 10 ग्राम हो गई। इस गिरावट के बावजूद, सोना अभी भी पिछले कुछ दिनों में रिकॉर्ड उच्चतम स्तर पर है। गुरुवार को सोने की कीमत ₹1,22,629 पर पहुंच गई थी, जो अब तक का सबसे ज्यादा था। gold silver price october 2025 update: इस बीच, चांदी की कीमत एक नई ऊंचाई पर पहुंच गई है। शुक्रवार को चांदी ₹1,64,500 प्रति किलो के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई, जो गुरुवार की कीमत ₹1,59,550 से ₹4,950 ज्यादा है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, चांदी की बढ़ी हुई कीमत का कारण इंडस्ट्रियल डिमांड में बढ़ोतरी है।

सोना और चांदी की कीमतों में इस साल क्या बदलाव हुआ है?

2025 के शुरुआती दिनों से ही सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है। इस साल अब तक सोने की कीमत ₹45,363 बढ़ी है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम सोना ₹76,162 का था, जो अब ₹1,21,525 प्रति 10 ग्राम हो गया है। चांदी की कीमत ₹78,483 बढ़ गई है। पिछले साल के अंत में चांदी ₹86,017 प्रति किलो थी, जबकि अब यह ₹1,64,500 प्रति किलो हो गई है।

gold silver price october 2025 update: क्या हैं सोने में बढ़ोतरी के प्रमुख कारण?

दिवाली और धनतेरस जैसे अवसरों पर सोने की खरीदारी में बढ़ोतरी होती है, जिससे सोने की डिमांड में इजाफा हो रहा है। हालांकि, उच्च कीमतों के बावजूद खरीदारी हो रही है, क्योंकि सोना शुद्धता और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। Read More:- जिंदगी में होना है सफल तो घर के वास्तु में करें छोटा सा बदलाव मध्य-पूर्व में जारी उथल-पुथल, अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव और वैश्विक अस्थिरता के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने को प्राथमिकता दे रहे हैं। दुनियाभर के केंद्रीय बैंक डॉलर पर अपनी निर्भरता को कम करने के लिए सोने की खरीदारी बढ़ा रहे हैं, जिससे सोने की कीमत में लगातार उछाल आ रहा है। मुद्रास्फीति के बढ़ते दबाव और केंद्रीय बैंकों की नीतियों के कारण सोना एक सुरक्षित निवेश के रूप में लोकप्रिय हो रहा है, जिससे इसकी कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है।

चांदी के बढ़ते भाव के कारण

चांदी की कीमत में भी लगातार वृद्धि देखी जा रही है, और इसके पीछे कुछ महत्वपूर्ण कारण हैं  दिवाली, करवा चौथ और अन्य पर्वों के दौरान चांदी की मांग भी बढ़ जाती है, जिससे इसकी कीमतें ऊपर जा रही हैं। रुपये की गिरावट के कारण चांदी के आयात में लागत बढ़ी है, और इसके साथ ही चांदी की कीमतें भी बढ़ रही हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर पैनल जैसे उद्योगों में चांदी की बढ़ती मांग ने भी इसकी कीमतों को ऊंचा किया है। वैश्विक स्तर पर चांदी की सप्लाई में कमी होने के कारण भी इसके दाम बढ़े हैं, जो इसकी कीमतों को ऑलटाइम हाई तक पहुंचा रहा है। Read More:- क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी सुबह की शुरुआत कैसी होनी चाहिए?

क्या भविष्य में और बढ़ सकती हैं सोने और चांदी की कीमतें?

गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट के अनुसार, सोने की कीमत अगले साल 5,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है, जो भारतीय रुपए में लगभग ₹1,55,000 प्रति 10 ग्राम होगा। पीएल कैपिटल के डायरेक्टर संदीप रायचुरा का कहना है कि सोना ₹1,44,000 प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले महीनों में सोने और चांदी दोनों की कीमतें और बढ़ सकती हैं, खासकर दिवाली और शादी के सीजन के दौरान।