फाइनेंस
₹0 से ₹1.08 करोड़ तक: बिटकॉइन की वो रहस्यमयी उड़ान, जिसने बनाया वो गायब
पिज़्ज़ा के बदले दिए थे 10,000 बिटकॉइन अब बन चुके हैं 10,000 करोड़!
बिटकॉइन की शुरुआत आर्थिक संकट से जन्मा डिजिटल क्रांति का बीज
2008… पूरी दुनिया आर्थिक संकट से जूझ रही थी। बैंकों पर से भरोसा टूट रहा था। लोग अपनी जमा पूंजी गंवा चुके थे। इसी माहौल में, एक गुमनाम नाम सामने आया: सतोशी नाकामोतो। उसने एक पेपर में बताया बिना बैंक और सरकार के भरोसे भी एक करेंसी चल सकती है। और 3 जनवरी 2009 को बिटकॉइन का पहला ब्लॉक बना Genesis Block।पिज्जा का सौदा, जो इतिहास बन गया
22 मई 2010 सॉफ्टवेयर इंजीनियर लास्जलो हैन्येज ने दो पिज्जा के बदले दिए 10,000 बिटकॉइन। उसी वक्त बिटकॉइन की कुल वैल्यू थी सिर्फ ₹3,400 के आसपास। आज की तारीख में 1 BTC = ₹1.08 करोड़, 10,000 BTC = ₹10,800 करोड़ यानी एक पिज्जा स्लाइस = ₹833 करोड़ . इस दिन को आज भी याद किया जाता है Bitcoin Pizza Day के रूप में।सतोशी नाकामोतो – कौन है ये भूत?
बिटकॉइन का जनक आज भी गुमनाम है। बस एक नाम है: Satoshi Nakamoto। 2008 में एक व्हाइटपेपर से शुरुआत की 2009 में पहला बिटकॉइन माइन किया 2011 में लिखा अब मैं दूसरी चीज़ों पर काम कर रहा हूं… और गायब हो गया। 10 लाख बिटकॉइन उसके वॉलेट्स में पड़े हैं, जिसकी वैल्यू आज ₹11 लाख करोड़ से ज़्यादा है पर वो कभी यूज़ नहीं हुए। 3 थ्योरी क्यों वो गुमनाम रहा बिटकॉइन का जनक- सिक्योरिटी का डर सरकारें उसे टारगेट कर सकती थीं
- डिसेंट्रलाइजेशन ताकि बिटकॉइन पर किसी एक का असर न हो
- साजिशों से दूरी ताकि सबका फोकस टेक्नोलॉजी पर रहे, इंसान पर नहीं