US-ईरान तनाव से शेयर बाजार में हाहाकार! खुलते ही 550 अंक टूटा सेंसेक्स, तेल की कीमतों ने बढ़ाई टेंशन
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर बुधवार को भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दिया। कारोबार शुरू होते ही निवेशकों में भारी बिकवाली देखने को मिली और बीएसई सेंसेक्स 550 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी 150 अंक से ज्यादा फिसलकर लाल निशान में पहुंच गया। लगातार दूसरे कारोबारी दिन बाजार दबाव में नजर आया।
खुलते ही सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी गिरावट
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अपने पिछले बंद 78,180 अंक के मुकाबले गिरावट के साथ खुला और शुरुआती मिनटों में ही 77,611 अंक तक लुढ़क गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 24,398 अंक से गिरकर 24,229 अंक तक पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स दबाव में दिखाई दिए।
होर्मुज स्ट्रेट बना बाजार की चिंता का केंद्र
बाजार में आई इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव है। ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट में तीन कमर्शियल जहाजों पर हमले और उसके जवाब में अमेरिका की ओर से ईरानी सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक के बाद वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल व्यापार का प्रमुख समुद्री मार्ग है। यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर सीधा असर डाल सकता है।
एशियाई बाजारों में भी बिकवाली
भारतीय बाजार ही नहीं, बल्कि एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में भी गिरावट दर्ज की गई। जापान का निक्केई 225 शुरुआती कारोबार में 500 अंक से अधिक टूट गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी एक प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा। गिफ्ट निफ्टी पहले से ही कमजोर संकेत दे रहा था, जिससे भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ गया।
कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल
अमेरिका-ईरान तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखाई दिया। ब्रेंट क्रूड तीन प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ 76 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड भी 72 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार करता नजर आया। तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई बढ़ने और आयात लागत में इजाफे की आशंका ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी।
इन शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली
बाजार में गिरावट के दौरान कई दिग्गज कंपनियों के शेयर दबाव में रहे। लार्जकैप कंपनियों में इंडिगो, एशियन पेंट्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, बजाज फाइनेंस, आईटीसी और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में दो प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में हिंदुस्तान पेट्रोलियम, अशोक लेलैंड, एनबीसीसी और पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस जैसे शेयर भी भारी दबाव में रहे।
आगे क्या रहेगा बाजार का रुख?
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम नहीं होता और होर्मुज स्ट्रेट में हालात सामान्य नहीं होते, तब तक वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए चिंता का विषय है और इसका असर आने वाले दिनों में शेयर बाजार की चाल पर भी देखने को मिल सकता है।