बैंकिंग शेयरों में बिकवाली और कच्चे तेल की बढ़ती क

शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत, सेंसेक्स 300 अंक लुढ़का; बैंकिंग शेयरों में बिकवाली

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वेस्ट एशिया को लेकर बढ़ी अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर बाजार पर दिखा। शुरुआती कारोबार में बैंकिंग शेयर दबाव में रहे, जबकि आईटी सेक्टर ने कुछ राहत दी। घरेलू शेयर बाजार ने शुक्रवार (7 अगस्त) को कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच लाल निशान में कारोबार की शुरुआत की। प्री-ओपनिंग से ही बाजार पर दबाव नजर आया और शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 300 अंक टूटकर 78,600 के आसपास पहुंच गया। वहीं, निफ्टी भी करीब 50 अंक फिसलकर 24,580 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। निवेशकों की सतर्कता और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली ने बाजार की चाल को प्रभावित किया।

प्री-ओपनिंग से ही दिखा दबाव

बाजार खुलने से पहले ही संकेत कमजोर थे। प्री-ओपनिंग सत्र में सेंसेक्स में 450 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई थी। वहीं, गिफ्ट निफ्टी भी करीब 100 अंक नीचे कारोबार कर रहा था, जिससे साफ संकेत मिल गए थे कि घरेलू बाजार की शुरुआत कमजोर रह सकती है।

बैंकिंग शेयरों में मुनाफावसूली, आईटी ने संभाला मोर्चा

शुरुआती कारोबार में बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली। कई बड़े बैंकिंग स्टॉक्स में निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बढ़ा। हालांकि, आईटी सेक्टर के शेयरों में खरीदारी बनी रही, जिसके चलते बाजार में गिरावट कुछ हद तक सीमित रही।

क्यों कमजोर हुआ बाजार का मूड?

विश्लेषकों के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वेस्ट एशिया में बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया है। इसके अलावा विदेशी बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों के कारण भी निवेशक फिलहाल बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं।

अब किन बातों पर रहेगी बाजार की नजर

दिनभर के कारोबार में निवेशकों की नजर वैश्विक बाजारों की चाल, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियों पर रहेगी। यदि बैंकिंग शेयरों में दबाव जारी रहता है तो बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, जबकि आईटी और चुनिंदा सेक्टर गिरावट को कुछ हद तक संतुलित कर सकते हैं।