सुप्रीम कोर्ट ने स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना पर दि

सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना पर लगाया 3 लाख का जुर्माना, दिव्यांगों पर टिप्पणी करने का आरोप

सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना पर लगाया 3 लाख का जुर्माना

सुप्रीम कोर्ट ने स्टैंड-अप कॉमेडियन और यूट्यूबर समय रैना समेत 4 लोगों पर दिव्यांगों पर कमेंट से जुड़े केस में 3 लाख का जुर्माना लगाया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वे खुद को युवाओं का आइकॉन कहते हैं। हमें लगता है कि कॉमेडियन समय रैना ने कोर्ट को गुमराह किया है और हमारे आदेशों का खुलेआम उल्लंघन किया है।

रैना ने अदालत को किया गुमराह

CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने यह आदेश तब पारित किया जब उन्हें बताया कि समय रैना ने अपने शो में किसी भी विकलांग व्यक्ति को नहीं बुलाया, जिसका आदेश कोर्ट ने दिया था। हमारे पास यह मानने का पर्याप्त कारण है कि वक्त रैना ने अदालत को गुमराह किया है और इस अदालत के आदेशों का खुलेआम उल्लंघन किया। यह दुराचार तब और भी गंभीर होता है जब रिकॉर्ड में कुछ भी न होने के बावजूद हलफनामा दाखिल किया जाता है। इसलिए हम उन पर जुर्माना लगाते हैं, जिसे 2 सप्ताह के अंतर जमा करना होगा।

असंवेदनशील टिप्पणी करने का आरोप 

कोर्ट क्योर SMA इंडिया फाउंडेशन की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें रैना पर स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी के इलाज के खर्च को लेकर असंवेदनशील टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया था। समय रैना पर इस तरह की विकलांगता से ग्रसित व्यक्ति का मजाक उड़ाने का भी आरोप है। यह याचिका विकलांग व्यक्तियों के जीवन और गरिमा के अधिकार का उल्लंघन करने वाली ऐसी ऑनलाइन सामग्री के प्रसारण के लिए नियम बनाने की मांग करते हुए दायर की गई।

क्या है मामला?

बता दे नवंबर 2025 में, अदालत ने रैना और दूसरे स्टैंडअप कॉमेडियन्स को दिव्यांगों के इलाज के लिए स्थापित कोष के लिए धन जुटाने हेतु हर महीने कम से कम 2 कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्हें यह भी आदेश दिया गया था कि वे विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों को अपने कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए राजी करें।