पीलीभीत में चपरासी ने 8 करोड़ रुपये का किया घोटाला, 3 पत्नियों-प्रेमिकाओं पर उड़ाया पैसा
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से शनिवार को एक चौंकाने वाला घोटाला सामने आया है, जहां शिक्षा विभाग के एक चपरासी ने अपनी ‘रंगीन जिंदगी’ के लिए सरकारी खजाने में ही सेंध लगा दी। मामूली कर्मचारी होते हुए भी उसने करोड़ों रुपये का गबन कर लिया और अपनी तीन पत्नियों व कई प्रेमिकाओं के महंगे शौक पूरे करने में पैसा पानी की तरह बहाया।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी इल्हाम उर रहमान शम्सी ने करीब 8 करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी की। इस मामले में अब तक उसकी सात महिला करीबियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश जारी है।
फर्जी आईडी और खातों का जाल
जांच के मुताबिक, आरोपी ने ट्रेजरी सिस्टम की बारीकियों का फायदा उठाते हुए फर्जी बेनेफिशियरी आईडी तैयार कीं। इसके बाद वेतन बिल और टोकन जनरेशन की आड़ में सरकारी धन को निजी खातों में ट्रांसफर करता रहा।
करीब 53 अलग-अलग खातों के जरिए 98 ट्रांजेक्शन किए गए, जिनके माध्यम से 8 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम इधर-उधर की गई। शुरुआती जांच में सिर्फ एक खाते में 1 करोड़ रुपये मिलने की बात सामने आई थी, लेकिन गहराई से जांच करने पर पूरा नेटवर्क उजागर हुआ।
अय्याशी के लिए खरीदे फ्लैट और जमीनें
पुलिस के अनुसार, गबन की रकम से आरोपी ने अपनी पत्नियों और प्रेमिकाओं को महंगे फ्लैट और बेशकीमती जमीनें दिलवाईं। सितंबर 2024 से शुरू हुआ यह खेल लंबे समय तक बिना किसी शक के चलता रहा, जिससे विभागीय निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं।
7 महिलाएं गिरफ्तार, करोड़ों रुपये फ्रीज
पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सात महिलाओं, लुबना, फातिमा, परवीन खातून, आशकारा परवीन, अजारा खान, नाहिद और आफिया खान, को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। साथ ही संदिग्ध खातों में मौजूद करीब 5.5 करोड़ रुपये से अधिक की रकम फ्रीज कर दी गई है।
पुलिस की जांच जारी, और खुलासे संभव
एडिशनल एसपी विक्रम दहिया के अनुसार, यह एक संगठित घोटाला है और इसमें शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि सरकारी धन के दुरुपयोग में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है।